
सिंगरौली। ऊर्जाधानी सिंगरौली इस समय भीषण ठंड और शीतलहर की गिरफ्त में है। जिले में न्यूनतम तापमान गिरकर 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात ऐसे हैं कि सुबह के समय घरों से निकलना किसी सजा से कम नहीं लग रहा। खासकर ग्रामीण अंचलों में ठंड ने लोगों की कमर तोड़ दी है।
जिले के चितरंगी तहसील क्षेत्र सहित दूरदराज के गांवों में ठंड का प्रकोप सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। यहां तापमान 7 डिग्री तक लुढ़कने से हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। सुबह 11 बजे तक घना कोहरा छाया रहने से दृश्यता भी प्रभावित रही। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अलाव जलाकर किसी तरह ठंड से जूझते नजर आए। किसानों, मजदूरों और दिहाड़ी कामगारों के लिए यह ठंड किसी आफत से कम नहीं है। खुले में काम करने वाले लोग गलन से कांपते दिखे। कई स्थानों पर लोग देर सुबह तक घरों में दुबके रहने को मजबूर रहे। साथ ही बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा चपेट में, बीमारियों का बढ़ा खतरा शीतलहर का सबसे बड़ा असर बच्चों और बुजुर्गों पर देखने को मिल रहा है। जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार और पेट दर्द के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। डॉक्टरों के अनुसार छोटे बच्चों में निमोनिया का खतरा बढ़ गया है, जबकि बुजुर्गों में ठंड के कारण सांस संबंधी परेशानियां सामने आ रही हैं। लगातार गिरते तापमान और गलन ने रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने, ठंडी हवा से बचने और बच्चों को विशेष देखभाल में रखने की सलाह दी है। वहीं भीषण ठंड का असर सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि मवेशियों की हालत भी खराब होती जा रही है। ग्रामीण इलाकों में पशुपालक अपने मवेशियों को बचाने के लिए अतिरिक्त इंतजाम करते नजर आए। ठंड के कारण पशुओं में सुस्ती, चारा कम खाने और बीमारियों के लक्षण देखे जा रहे हैं।
आधी रात से कोहरे का हमला, 10 मीटर पर थम जाती है नजर
जिले में ठंड के साथ कोहरे का प्रकोप आधी रात से ही शुरू हो जा रहा है। हालात ऐसे बन रहे हैं कि कई इलाकों में 10 मीटर की दूरी के बाद कुछ भी दिखाई नहीं देता। घना कोहरा सड़कों पर सफेद दीवार बनकर खड़ा हो जा रहा है। इस वजह से वाहनों के पहिए थम जा रहे हैं, बसें, ट्रक और निजी वाहन रुक-रुक कर चलने को मजबूर हैं। वहीं राष्ट्रीय राजमार्गों, जिला मार्गों और ग्रामीण सड़कों पर वाहन चालकों में डर का माहौल है। दोपहिया वाहन चालकों की स्थिति सबसे ज्यादा जोखिम भरी बनी हुई है। कई स्थानों पर लोग कोहरा छंटने का इंतजार करते दिखे, वहीं सुबह 11 बजे तक विजिबिलिटी बेहद कमजोर रहने से जनजीवन पूरी तरह सुस्त रहा। कोहरे के कारण सड़क हादसों की आशंका लगातार बनी हुई है।
दोपहर की धूप बनी राहत, पर ठंड से पूरी तरह निजात नहीं
हालांकि दोपहर के समय धूप निकलने से कुछ राहत जरूर मिल रही है, लेकिन ठंड का असर पूरी तरह खत्म नहीं हो पा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार सिंगरौली जिले में अधिकतम तापमान करीब 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान लगातार नीचे बना हुआ है। शहर से लेकर गांव तक लोग धूप निकलते ही खुले स्थानों पर बैठकर शरीर को गर्म करने की कोशिश करते दिखे। बावजूद इसके शाम ढलते ही ठंड दोबारा अपना कहर बरपाने लगती है। इधर मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं। उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के चलते आने वाले दिनों में शीतलहर का असर बना रह सकता है। ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। कुल मिलाकर 7 डिग्री तापमान ने सिंगरौली को ठंड का टॉर्चर दे दिया है।
