
शाजापुर, शहरवासियों के एक साल के पेयजल की समस्या हल हो गई है. दरअसल, जिले भर में रविवार और सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश से शहर के प्रमुख जलस्रोत चीलर डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, बेरछा रोड पर सांपखेड़ा स्थित डैम में मंगलवार शाम तक करीब 7 फीट पानी की आवक हो गई है. वहीं जिले के अनेक जलस्रोतों में भी पानी की अच्छी खासी आवक हो गई है. हालांकि जिले में कई जगह कच्चे मार्गों और शाजापुर में जहां मार्ग निर्माण कार्य चल रहा है वहां पर कीचड़ होने से रहवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
शहर से 5 किलोमीटर दूर सांपखेड़ा स्थित चीलर डैम कुल जल भराव क्षमता लगभग 23 फीट है. पिछले सप्ताह तक डैम में एक फीट भी पानी नहीं बचा था, यदि कुछ समय और वर्षा नहीं आती तो पेयजल को लेकर शहर में परेशानी के बादल छा जाते. इधर पर्याप्त वर्षा नहीं होने से सोयाबीन फसलों की सेहत को लेकर भी किसान ङ्क्षचतित थे, लेकिन रविवार व सोमवार को हुई वर्षा के चलते जलस्रोतों में अच्छी खासी पानी की आवक हो गई. 24 घंटे के अंदर चीलर डैम में करीब सात फीट पानी का जल भराव हो गया. उल्लेखनीय है कि शहरवासियों के लिए साल भर पेयजल के लिए करीब आठ फीट के लगभग पानी की आवश्यकता होती है. फिलहाल सावन माह चल रहा है, मानसूनी बादल छाए हुए हैं. वहीं मौसम विभाग द्वारा अभी और वर्षा की संभावना जताई जा रही है. इधर सावन माह में ही करीब एक तिहाई के लगभग चीलर डैम में जल भराव होने से शहरवासियों को चीलर डैम के पूर्ण भराव की उम्मीद जागी है. दरअसल,पिछले दो वर्षों से जिले में पर्याप्त वर्षा न होने के कारण डैम का पूर्ण भराव नहीं हो सका है, जिसके चलते रबी सीजन में फसलों की सिंचाई के लिए पानी नहीं दिया जा सका. नहरों के माध्यम से कमांड एरिया में उत्पादित होन वाली गेहूं की फसल भी नहीं हो पाई, लेकिन इस बार जिस तरह से मानसूनी बादलों ने वर्षा की है, उसे देखकर हर किसी को उम्मीद है कि चीलर डैम इस बार छलक उठेगा और ओवरफ्लो होगा.
