मुंबई। बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के बीच हिंदी बाजार में मुकाबला लगातार दिलचस्प होता जा रहा है। KGF 2, RRR, कांतारा और पुष्पा जैसी फिल्मों ने हिंदी दर्शकों के बीच जबरदस्त पकड़ बनाई और साबित किया कि भाषा अब फिल्मों की सफलता में बड़ी दीवार नहीं रही।
आखिर साउथ की फिल्मों में ऐसा क्या है जो हिंदी बेल्ट के दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच रहा है? क्या इसकी वजह दमदार कंटेंट है, बड़े विजुअल्स और इमोशन हैं या फिर हिंदी डबिंग और पैन-इंडिया रिलीज का बढ़ता चलन?
इस एक्सप्लेनर में समझिए कि दक्षिण भारतीय सिनेमा का हिंदी बाजार में प्रभाव क्यों बढ़ रहा है और दर्शकों की पसंद में क्या बदलाव आया है।