ब्यावरा: जुलाई का महीना बीत चुका है, अगस्त शुरू हो गया है. लेकिन बारिश से लिहाज से जुलाई आदर्श स्थिति में नहीं रहा. कमजोर मानसून ने अपनी कमजोरी मानों राजगढ़ जिले में सर्वाधिक जाहिर की है. यहां गत वर्ष की तुलना में औसत वर्षा आधी भी नहीं हुई है नतीजतन जिले के बड़े बांध 58 फीसदी खाली पड़े है. जलभराव के लिए अब जिले में 500 मिमी अतिरिक बारिश की जरूरत है. तब जाकर गत वर्ष के औसन बरसात के आंकड़ों को छू पाएंगे और बांधों का कैचमेंट एरिया बड़ी जलराशि से लबरेज नजर
आएगा. उल्लेखनीय है कि जिले के दो बड़े बांध मोहनपुरा औरकुण्डालिया वर्तमान में करीब 58 फीसदी तक खाली पड़े है. या कहा जाए तो केवल 42 फीसदी
जलराशि भी इसके जलभराव क्षेत्र में समाहित हुई है. कम बारिश ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. यदिदेश की पहली लबी पाइपलाइन है. 3800 करोड़ लागत की इस परियोजना के तहत सबसे लंबी प्रेशरयुक्त पाइप वाली अंडरग्राउंड नहर से 1 लाख 35 हजार हेक्टेयर जमीन में सिंचाई की जा रही है. पहले चरण में कालीपीठ क्षेत्र में 25 हेक्टेयर की पथरीली जमीन में सिचाई की जाती है. अन्य क्षेत्रों में अंडरग्राउंड पाइप बिछाने का काम जारी है. चाथ का जलग्रहण क्षेत्र 3726 वर्ग किमी है. बाध से लगभग 35500 हेक्टेयर खरीफ और 62250 हेक्टेयर रबी मौसम में सिचाई करना प्रस्तावित है.
मोहनपुरा 391 और कुण्डालिया 398 मीटर भराया, जल राशि लक्ष्य के आधे से भी कमजलसंसाधन संभाग राजगढ़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में मोहनपुरा बांध 391 मीटर तक जलराशि के साथ भरा हुआ है. यह तय लक्ष्य से अभी भी 50 फीसदी खाली है. जबकि कुण्डालिया बांध 398 मीटर भराव के साथ इसी प्रकार की स्थिति में है. मोहनपुरा बांध का कुल भराव 394.3 जबकि कुण्डालिया बांध का 400 मीटर निर्धारित है. दोनों बांध 42 प्रतिशत भरे है. जबकि जुलाई माह बीत चुका है. गत वर्ष इसी अवधि में दोनों बांध पूरी तरह भर चुके थे और बांधों के गेट भी खोल दिए गए थे. मोहनपुरा बांध के सभी गेट खोलने के बाद पुराने बस स्टेण्ड पर जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई. जबकि इस वर्ष जलराशि नजर नहीं आने से सैलानी भी पर्याप्त संख्या में नहीं पहुंच रहे है. प्रतिवर्ष पर्यटन करने वालों का अच्छी भीड़ इन दिनों मोहनपुरा और कुण्डालिया बांध पर नजर आती है.
बांधों में समुचित जलराशि नहीं पहुंची तो वर्ष भर के पेयजल वितरण और सिंचाई के लिए
चुनौती पैदा हो सकती है. हालांकि बांधों के लिए अगस्त में अभी आशा बंधी हुई है.
2 अगस्त 2026 तक बारिश के आंकड़े
564 जौरापुर
खिलचीपुर 484
बावरा
राजगढ़ 417
नरसिहगढ़
179.5
252
खरगपुर
433.1
पोर 551.7
जिले की कुल औसत वर्षा 411.6 मिमी दर्ज की गई.
2 अगस्त 2025 तक बारिश के आंकड़े
जीरापुर 938
खिलचीपुर 1005 5
राजगढ़ 9155
ब्यावरा 1767
नरसिंहगढ़ 1112.8
सखरगपुर 4216
पौर 741.6
जिले की कुल औसत वर्षा 994.6 मिमी दर्ज की गई
