टेंपल बांड के तहत बनेगा बगलामुखी लोक

उज्जैन:महाकुंभ-2028 की तैयारियों के बीच धार्मिक स्थलों के समग्र विकास के लिए शुरू की गई टेंपल बॉन्ड योजना अब तेजी से आगे बढ़ रही है. इसीक क्रम में गुरुवार को संभाग आयुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह आगर-मालवा जिले के प्रसिद्ध बगलामुखी माता मंदिर, नलखेड़ा का दौरा करेंगे.
यहां वे मंदिर परिसर का अवलोकन कर टेंपल बॉन्ड योजना के तहत प्रस्तावित विकास कार्यों की संभावनाओं का अध्ययन करेंगे। 31 जुलाई तक योजना की प्रक्रिया पूरी करने के लक्ष्य को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

कैसे होता है संचालन देखेंगे
दैनिक नवभारत से चर्चा में आशीष सिंह ने बताया कि नलखेड़ा प्रवास के दौरान मंदिर ट्रस्ट, पुजारियों, कर्मचारियों और स्थानीय अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी. मंदिर की वर्तमान पूजन व्यवस्था, प्रतिदिन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या, पार्किंग, प्रसाद एवं पूजन सामग्री की दुकानों, यात्री सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं का आकलन किया जाएगा. इसके आधार पर यह तय किया जाएगा कि टेंपल बॉन्ड योजना के तहत यहां कौन-कौन से विकास कार्य, सौंदर्यीकरण, विस्तार और आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं.

आकार लेगा बगलामुखी लोक
प्रशासन का उद्देश्य बगलामुखी धाम को भविष्य में ‘बगलामुखी लोक’ के रूप में विकसित करना है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी पहले इसकी घोषणा कर चुके हैं. माना जा रहा है कि महाकाल लोक की तर्ज पर यदि यह योजना साकार होती है तो नलखेड़ा देश के प्रमुख शक्तिपीठों में और अधिक आकर्षण का केंद्र बनेगा.

टेंपल बांड से बड़े बदलाव
महाकुंभ-2028 की तैयारियों के तहत लागू की जा रही टेंपल बॉन्ड योजना को धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में बड़ा बदलाव माना जा रहा है. योजना के माध्यम से मंदिरों के संरक्षण, जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को बेहतर व्यवस्थाएं मिल सकेंगी.

1100 करोड़ की स्कीम,200 करोड़ बांड से जुटेंगे
1100 करोड़ रुपये की इस व्यापक कार्ययोजना के लिए तीन स्तरों पर वित्तीय व्यवस्था की गई है. इसमें 200 करोड़ रुपये टेंपल बॉन्ड के माध्यम से जुटाए जाएंगे, जिनकी अवधि 10 वर्ष होगी. इसके अलावा 275 करोड़ रुपये अर्बन चैलेंज फंड से तथा 625 करोड़ रुपये विभिन्न बैंकों से वित्तीय सहयोग के रूप में प्राप्त किए जाएंगे.

यह सारे मंदिर शामिल
योजना के अंतर्गत उज्जैन संभाग के 11 प्रमुख धार्मिक स्थलों का चरणबद्ध विकास किया जाएगा. इनमें कालभैरव मंदिर, मंगलनाथ मंदिर, सांदीपनी आश्रम, नवग्रह शनि मंदिर, 84 महादेव मंदिर श्रृंखला, अंगारेश्वर महादेव मंदिर, भूखी माता मंदिर, गढ़कालिका मंदिर, सिद्धवट तथा आगर-मालवा का बगलामुखी माता मंदिर सहित अन्य प्रमुख देवस्थान शामिल हैं. इन सभी मंदिरों में सौंदर्यीकरण, पार्किंग, विश्राम गृह, सुगम दर्शन व्यवस्था, पेयजल, यात्री सुविधाएं, कतार प्रबंधन और आधारभूत ढांचे का विस्तार किया जाएगा.

Next Post

10 साल बाद विश्वविद्यालय में खुला पदोन्नति का रास्ता

Thu Jul 23 , 2026
इन्दौर: लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे विश्वविद्यालय, इन्दौर के नियमित गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के लिए आखिरकार राहत भरी खबर आई है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने विभागीय पदोन्नति समिति डीपीसी की अनुशंसा और कुलगुरु की मंजूरी के बाद 10 कर्मचारियों की पदोन्नति के आदेश जारी कर दिए हैं. यह कार्रवाई […]

You May Like