नयी दिल्ली, 08 सितम्बर (वार्ता) जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियाई खेलों में भारत का 503 सदस्यीय दल हिस्सा लेगा।
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने खिलाड़ियों के लिए मंगलवार शाम को आयोजित विदाई समारोह में दबाव को अच्छे प्रदर्शन में बदलने, प्रतिद्वंद्वियों को अवसर के रूप में देखने और अवसरों को उपलब्धियों में बदलने का खिलाड़ियों से आग्रह किया।
डॉ. मांडविया ने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष डॉ. पी.टी. उषा, सचिव (खेल) हरि रंजन राव और शेफ-डी-मिशन सहदेव यादव के साथ मिलकर, खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की मौजूदगी में खेलों से पहले दल की आधिकारिक जर्सी का भी अनावरण किया।
उन्होंने कहा, “503 सदस्यों वाला हमारा दल एशियाई खेलों के लिए जा रहा है, और मुझे विश्वास है कि हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे। हमारे 503 खिलाड़ियों में से 300 से अधिक खिलाड़ी पहली बार हिस्सा ले रहे हैं, इसलिए बहुत सारी नई प्रतिभाएं सामने आ रही हैं।” ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के प्रदर्शन की सराहना करते हुए केंद्रीय खेल मंत्री ने कहा, “हमने ओपन ट्रायल के ज़रिए पारदर्शी और योग्यता-आधारित चयन सुनिश्चित किया है, जिसमें स्वतंत्र ऑब्ज़र्वर और कैमरे से निगरानी की व्यवस्था है। पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने 13 गोल्ड मेडल जीते थे; इस बार हमारा प्रदर्शन 35 प्रतिशत से ज़्यादा बेहतर हुआ है। मैं हमारे सभी एथलीटों और सपोर्ट स्टाफ़ को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ देता हूँ।”
उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य 2036 है – जब हम ओलंपिक्स की मेज़बानी करेंगे, तब तक हमें ग्लोबल स्टेज पर मज़बूती से स्थापित होना होगा। यह 10 साल का प्लान है, जिसमें स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए 36,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की राशि आवंटित की गई है।”
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल जापान में कई तरह के खेलों में हिस्सा लेगा। 503 सदस्यों वाले इस दल में एथलीट और सपोर्ट स्टाफ़ शामिल हैं, जिनमें से 300 से ज़्यादा एथलीट पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा लेंगे, जो भारतीय खेलों की बढ़ती गहराई और बेंच स्ट्रेंथ को दिखाता है।
