सीहोर। जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के बीच एक बड़ा मामला सामने आया है. अनियमितताओं के चलते पहले से ब्लैक लिस्टेड किए गए वेयरहाउस में सरकारी गेहूं का भंडारण किए जाने की जानकारी मिलने पर प्रशासन और वेयर हाउसिंग विभाग में हड़कंप मच गया. कलेक्टर के निर्देश पर अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की और संबंधित वेयरहाउस को सील करने की कार्रवाई की.
जानकारी के अनुसार जिले में इन दिनों समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन का कार्य तेजी से चल रहा है. सहायक आपूर्ति अधिकारी आकाश चंदेल ने बताया कि अब तक करीब 80 हजार किसानों से लगभग 6.50 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है. खरीदे गए गेहूं को निर्धारित वेयरहाउसों में सुरक्षित रखा जा रहा है. प्रशासन द्वारा भंडारण व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं, इसके बावजूद अनियमितताओं के मामले सामने आ रहे हैं.
ताजा मामला जिले के समीपस्थ ग्राम वनखेड़ी का है. बताया जा रहा है कि यहां के बद्रीनाथ वेयरहाउस को पूर्व में अनियमितताओं के कारण कलेक्टर के निर्देश पर ब्लैक लिस्ट कर दिया गया था. इस बार उसे खरीदी केन्द्र नहीं बनाया गया था. इसके बावजूद उसी वेयर हाउस में सरकारी अनाज रखे जाने की सूचना कलेक्टर बालागुरू के. को मिली. मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने वेयर हाउसिंग के प्रभारी शाखा प्रबंधक एएल सूर्यवंशी को तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच करने के निर्देश दिए. शाखा प्रबंधक सूर्यवंशी ने जांच के दौरान पाया कि वेयरहाउस संचालक ब्लैक लिस्टेड वेयरहाउस में रखे गेहूं को दूसरे वेयरहाउस में स्थानांतरित कर रहा था. अधिकारियों द्वारा पूछताछ किए जाने पर संचालक संतोषजनक जवाब नहीं दे सका. इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने संबंधित वेयरहाउस को सील कर दिया. इस कार्रवाई के बाद जिले में गेहूं भंडारण व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि आखिर ब्लैक लिस्टेड वेयरहाउस में सरकारी अनाज कैसे पहुंचा और इसमें किन अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही रही. मामले में आगे जांचोपरांत कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है.
करोड़ों खर्च होने के बाद भी हालात जस के तस
इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है. भले ही खरीदी प्रक्रिया इस बार देरी से शुरू हुई हो, लेकिन इसके बावजूद जिले में पिछले तीन वर्षों के सभी रिकॉर्ड टूट गए हैं. खरीदी समाप्त होने में अभी 8 दिन शेष हैं और शनिवार तक ही जिले में लगभग 6.50 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है. प्रशासन ने इस बार 7 लाख मीट्रिक टन खरीदी का लक्ष्य रखा है, जिसे पूरा होने की पूरी संभावना दिखाई दे रही है. जानकारी के अनुसार इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए जिले के 1 लाख 2 हजार 485 किसानों ने पंजीयन कराया था. इनमें से 92 हजार से अधिक किसानों ने गेहूं विक्रय के लिए स्लॉट बुक किए. अब तक 80 हजार से अधिक किसानों का गेहूं खरीदा जा चुका है. अब करीब 12 हजार किसानों की उपज खरीदी के लिए आना बाकी है, जिससे खरीदी का आंकड़ा और बढऩे की उम्मीद है.
जांचोपरांत करेंगे आगामी कार्रवाई
अनियमितता के चलते बद्रीनाथ वेयरहाउस को इस साल समर्थन मूल्य पर खरीदी केन्द्र नहीं बनाया गया था. इसके संचालक का एक और वेयर हाउस है जिसे खरीदी केन्द्र बनाया गया है, लेकिन संचालक द्वारा बद्रीनाथ वेयरहाउस में अवैध रूप से गेंहू रखा गया था. मौके पर जाकर देखा तो पाया गया कि वह इस गेहूं को दूसरे वेयर हाउस में रखने ले जा रहे थे. इस जांच के लिए सील किया गया है.
एएल सूर्यवंशी,
शाखा प्रबंधक वेयर हाउस
