कोलकाता, 17 मई (वार्ता) पूर्व भारतीय क्रिकेटर अंबाती रायुडू का मानना है कि सुनील नारायण उनके हिसाब से आईपीएल के सर्वकालिक सबसे बेहतरीन खिलाड़ी हैं।” यह बयान तब आया जब नारायण ने गुजरात टाइटंस (जीटी) के ख़िलाफ़ अपने चार ओवरों में 29 रन देकर 2 विकेट लिए और कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) की आईपीएल 2026 में 29 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई। उनके प्रदर्शन के बाद रायुडू की बात से असहमत होना मुश्किल था। नारायण साल दर साल केकेआर के लिए मैच जिताते आए हैं और ऐसा नहीं लगता कि उनका रुकने का कोई इरादा है।
ईएसपीएन क्रिकइंफो के टाइमआउट शो में, नारायण को उनके 200वें आईपीएल मैच में प्लेयर ऑफ़ द मैच चुने जाने के बाद रायुडू ने कहा, “गेंद से मैच विनर, बल्ले से भी मैच विनर। आईपीएल में कई महान खिलाड़ी आए हैं, लेकिन यह खिलाड़ी हमेशा सबसे अलग दिखता है। मेरे लिए यह सूची में सबसे ऊपर है।”
संजय बांगर, जो रायुडू के साथ बैठे थे, उतने भावुक नहीं दिखे, लेकिन उन्होंने भी नारायण को आईपीएल इतिहास के अपने “टॉप पांच” खिलाड़ियों में रखा और उन्हें “लीग का लीजेंड” बताया। बांगर ने कहा, “इस लीग में कई महान खिलाड़ियों ने खेला है, लेकिन लंबा करियर भी मायने रखता है। उन्हें अपने गेंदबाज़ी ऐक्शन पर कई बार सवालों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने उसी ओवरस्पिन के साथ सफलता हासिल करने का नया तरीका खोज लिया, जिसके लिए वे जाने जाते हैं। साथ ही, उन्होंने गेंद को दोनों तरफ़ टर्न कराने की क्षमता भी बरक़रार रखी। यही चीज़ बल्लेबाज़ों के मन में भारी संदेह पैदा करती है। मुझे लगता है कि यही खूबियां उन्हें लीग का लीजेंड बनाती हैं।”
नारायण आईपीएल में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वालों की सूची में केवल युज़वेंद्र चहल (230 विकेट) और भुवनेश्वर कुमार (220 विकेट) से पीछे हैं। उनके नाम 205 विकेट दर्ज हैं। वह आईपीएल में सबसे ज़्यादा मैच खेलने वाले विदेशी खिलाड़ी भी हैं। 2012 से वह लगातार सिर्फ़ केकेआर के लिए खेल रहे हैं। उसी साल केकेआर ने पहली बार IPL ख़िताब जीता था और नारायण ने 5.47 की इकॉनमी से 24 विकेट लिए थे।
2014 में केकेआर ने दूसरी बार ट्रॉफ़ी जीती तो नारायण फिर से केंद्र में रहे। उन्होंने 6.35 की इकॉनमी से 21 विकेट लिए। एक दशक बाद, 2024 में केकेआर ने तीसरी बार ख़िताब जीता और नारायण ने 6.69 की इकॉनमी से 17 विकेट हासिल किए। इस सीज़न में उनकी इकॉनमी 6.79 है।
इन सभी सीज़नों में उनकी इकॉनमी कभी भी आठ रन प्रति ओवर से ऊपर नहीं गई। यही वजह थी कि शनिवार का 7.25 का स्पेल भी बांगर को “सामान्य” लगा। उन्होंने कहा, “ये उनके लिए सामान्य आंकड़े हैं। उन्होंने कुछ असाधारण नहीं किया, बस वही किया जो वह नियमित तौर पर करते हैं।”
रायुडू ने बताया कि बल्लेबाज़ों के दौर में, जहां कई स्पिनर – उदाहरण के तौर पर राशिद ख़ान, जिन्होंने शनिवार को 57 रन दिए, निरंतरता बनाए रखने में संघर्ष कर रहे हैं, वहीं नारायण लगातार सफल क्यों हैं। रायुडू ने कहा, “मुझे लगता है कि राशिद ख़ान की एक अलग समस्या है, ख़ासकर ऐसी पिचों पर, क्योंकि उनकी लगभग हर गेंद टॉपस्पिनर होती है। जब ऐसी गेंद पिच पर गिरती है तो बल्ले पर तेज़ी से आती है। लेकिन सुनील नारायण की गेंद सतह पर रुकती है। उनकी गेंद कभी बल्ले पर फिसलकर नहीं आती। एक बल्लेबाज़ के तौर पर, सुनील नारायण जैसे गेंदबाज़ को लाइन-अप करना हमेशा मुश्किल होता है, क्योंकि गेंद रुकती है। ऐसे में आपका संतुलन अक्सर बिगड़ जाता है।”
