
भोपाल। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1 भोपाल में आयोजित 37वीं संभागीय युवा संसद प्रतियोगिता का मंगलवार को समापन हुआ। दो दिवसीय प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने समसामयिक और सामाजिक मुद्दों पर प्रभावी ढंग से अपने विचार रखे।
दूसरे दिन केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-3 ग्वालियर, केवी बंगरसिया और केंद्रीय विद्यालय देवास के विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। विद्यार्थियों ने नई शिक्षा नीति, परिसीमन, विस्थापित नागरिकों की समस्याएं, गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के बच्चों की शिक्षा और किसानों को आलू की उपज का उचित मूल्य नहीं मिलने जैसे मुद्दों पर पक्ष-विपक्ष के रूप में चर्चा और बहस की। इस दौरान उनके ज्ञान, तर्क क्षमता और वक्तृत्व कौशल की प्रभावी झलक देखने को मिली।
प्रतियोगिता में केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1 इंदौर ने प्रथम स्थान हासिल किया। केंद्रीय विद्यालय देवास दूसरे और केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 ग्वालियर तीसरे स्थान पर रहा। विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
समापन समारोह में राज्यसभा के पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा मुख्य अतिथि एवं निर्णायक के रूप में उपस्थित रहे। केंद्रीय विद्यालय संगठन भोपाल की सहायक आयुक्त निर्मला बुडानिया और केंद्रीय विद्यालय बैरागढ़ के प्राचार्य मनीष कुमार तुली भी निर्णायक के रूप में मौजूद रहे। विद्यालय के प्राचार्य गौरव कुमार द्विवेदी ने अतिथियों का हरित पौधा भेंटकर स्वागत किया।
शर्मा ने युवा संसद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में पक्ष और विपक्ष दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण है। प्राचार्य द्विवेदी ने प्रतियोगिता के दो दिवसीय आयोजन की रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन रिचा मिश्रा और अभिषेक तिवारी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन वरिष्ठ शिक्षिका माधुरी राजगुरू ने किया। इस अवसर पर केवी क्रमांक-2 भोपाल के प्राचार्य पवन कुमार बेदुए सहित विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
