मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उज्जैन में की घोषणा
सीएम बोले दो-तीन दिनों में अच्छी खबर मिलेगी
उज्जैन:2 -3 दिन बाद मध्य प्रदेश के धार्मिक शहरों के लिए अच्छी खबर आने वाली है । यह कोई नई बात नहीं है । हमने पहले से पॉलिसी बना रखी है और उसी पर काम कर रहे हैं । उज्जैन सहित मध्य प्रदेश के कई धार्मिक शहरों में शराबबंदी लागू कर दी जाएगी। यह बात मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंगलवार को उज्जैन में कही।मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव उज्जैन आये। मुख्यमंत्री ने सिंधी कॉलोनी स्थित वीर शहीद हेमू कालाणी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा , मध्यप्रदेश के धार्मिक नगरों में बहुत जल्द शराबबंदी लागू करने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।
महेश्वर की कैबिनेट बैठक में होगा निर्णय
मोहन सरकार की अगली कैबिनेट बैठक भोपाल की बजाय महेश्वर में 24 जनवरी को होने वाली है। यह स्थान रानी अहिल्याबाई से जुड़ा हुआ है और उनकी 300वीं जयंती मनाई जा रही है। राज्य में भोपाल के बाहर यह दूसरी कैबिनेट बैठक है। इससे पहले जबलपुर में एक कैबिनेट बैठक हुई थी। संभावना जताई जा रही है कि महेश्वर में होने वाली कैबिनेट बैठक में धार्मिक स्थलों पर शराबबंदी का फैसला हो सकता है।
इन शहरों में शराबबंदी
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने धार्मिक शहरों में शराबबंदी की बात कही है । इसमें उज्जैन के साथ-साथ ओंकारेश्वर, महेश्वर, मंडलेश्वर, नलखेड़ा दतिया, अमरकंटक, चित्रकूट, सांची, खजुराहो आदि शहरों को शामिल किया जा सकता है।
शहीद हेमू कालाणी वीर सपूत
मुख्यमंत्री ने कहा हेमू कालानी एक ऐसे क्रांतिकारी थे, जिन्होंने भारत की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। सिंध के सुक्कुर में जन्मे हेमू कालानी ने बहुत कम उम्र में ही देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत होकर अंग्रेजी शासन के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने बचपन से ही विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार कर स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का आग्रह लोगों से किया।
अंग्रेजों ने दी फांसी
वर्ष 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। हेमू कालानी और उनके साथियों ने अंग्रेजी सेना के खिलाफ कई साहसिक कार्य किए। उन्होंने हथियारों से भरी रेलगाड़ी को पटरी से उतारने की योजना बनाई। इस पर अंग्रेजी सरकार ने हेमू कालानी को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें फांसी की सजा सुनाई ।
