भोपाल नगर निगम: 8 दिन के मंथन के बाद 243 कर्मचारियों की पदोन्नति

भोपाल। नगर निगम में पदोन्नति को लेकर लगातार पिछले आठ दिनों से बैठकें जारी थी जिनको सोमवार को अंतिम रुप देते हुए 243 अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति के आदेश जारी कर दिए है. यह पदोन्नति मध्यप्रदेश लोकसेवा पदोन्नति नियम-2025 के तहत दी गई है. जबकि पदोन्नति के लिए वरिष्ठता की सूची 638 कर्मचारियों की बनाई गई थी. निगम आयुक्त संस्कृति जैन के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने पात्र अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करते हुए विभिन्न संवर्गों में आदेश जारी किए हैं.

पदोन्नति आदेशों के अनुसार प्रथम श्रेणी में मुख्य अभियंता के एक पद पर पदोन्नति की गई है. द्वितीय श्रेणी में 13 सहायक यंत्री और दो स्वच्छता अधिकारियों को उच्च पदों पर पदोन्नत किया गया है. वहीं सबसे अधिक लाभ तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों को मिला है.

 

किस पद कितने हुए पदोन्नत

स्वच्छता व प्रशासनिक शाखा को सबसे ज्यादा लाभ

तृतीय श्रेणी में 65 सहायक ग्रेड-2, 58 स्वच्छता पर्यवेक्षक, 42 उप स्वच्छता पर्यवेक्षक, 26 उप स्वास्थ्य निरीक्षक, 14 सहायक ग्रेड-3, छह लेखापाल, छह उद्यान पर्यवेक्षक, तीन मुख्य स्वच्छता निरीक्षक, तीन सहायक ग्रेड-1, दो उद्यान निरीक्षक, एक उपयंत्री और एक स्वच्छता निरीक्षक को पदोन्नति दी गई है.

आधे भी नहंी हुए लाभान्वित

बताया जाता है कि नगर निगम में हाईकोर्ट के आदेश के बाद पदोन्नति के लिए वरिष्ठता की सूची तैयार की गई थी जिमसें सभीं श्रेणियों के 638 कर्मचारियों और अधिकारियों की सूची तैयार की गई थी. जिसमें से सिर्फ 243 कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिला है. जो कि आधे से भी कम हैं. अब जो शेष बचे हैं उनको कब पदोन्नति मिलेगी यह अभी संशय में है.

हाईकोर्ट जा सकते हैं कर्मचारी

सूत्रों के अनुसार निगम ने जो पदोन्नति की सूची जारी की है उनमें वरिष्ठता को अनदेखा किया गया है. जिससेे जो कर्मचारी वंचित रह गए हैं वह हाईकोर्ट में पिटीशन दायर करने की तैयारी में है. क्योंकि उनकों भी अभी तक एक भी प्रमोशन नहीं मिला है. वहीं कुछ 8 साल की भर्ती होने पर ही हाईकोर्ट से पदोन्नति का आदेश ले आए थे. उनको पदोन्नति पहले ही दी जा चुकी थी वही रास्ता पदोन्नति से बचे कर्मचारी अपना सकते हैं.

 

कामकाज में आएगी तेजी

निगम प्रशासन का कहना है कि वरिष्ठता सूची के पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार पदोन्नति दी गई है. पदोन्नति मिलने से अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, रिक्त पद भरेंगे और निगम के विकास कार्यों के साथ-साथ नागरिक सेवाओं के संचालन में भी तेजी आएगी.

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