कन्नूर | केरल के मुख्यमंत्री और एलडीएफ (LDF) उम्मीदवार पिनाराई विजयन आज सुबह 11 बजे धर्मदम विधानसभा क्षेत्र के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। थलास्सेरी स्थित जिला रजिस्ट्रार कार्यालय में रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष दस्तावेज जमा करने के दौरान वामपंथी दलों का बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिलेगा। इस नामांकन की सबसे खास बात यह है कि उनकी जमानत राशि (Security Deposit) का खर्च पथानापुरम गांधी भवन की बुजुर्ग महिलाओं ने उठाया है। इन महिलाओं के स्नेह से भावुक होकर मुख्यमंत्री ने आज ही नामांकन का निर्णय लिया। इसके साथ ही वे कन्नूर जिले से चुनावी मैदान में आधिकारिक तौर पर उतरने वाले पहले एलडीएफ उम्मीदवार बन गए हैं।
नामांकन से पूर्व अपने संबोधन में विजयन ने मतदाताओं से राज्य की विकास यात्रा को जारी रखने के लिए समर्थन मांगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि वामपंथी शासन में केरल एक शांतिपूर्ण और निवेश-अनुकूल राज्य बना है, जहाँ सांप्रदायिक राजनीति के लिए कोई स्थान नहीं है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि प्रतिद्वंद्वी दल सरकार की छवि खराब करने के लिए अनैतिक हथकंडों और ‘गोएबल्स’ जैसी चालों का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार संघ परिवार के एजेंडे का विरोध करने वाली एकमात्र सशक्त आवाज है और जनता इस प्रगतिशील शासन को फिर से चुनने का मन बना चुकी है।
चुनाव आयोग द्वारा सार्वजनिक छुट्टियों (रमजान और रविवार) के कारण 20 और 22 मार्च को नामांकन स्वीकार न करने के फैसले के बाद, उम्मीदवारों के पास अब सीमित समय बचा है। धर्मदम निर्वाचन क्षेत्र से यह तीसरी बार है जब सीपीआई(एम) पोलित ब्यूरो सदस्य विजयन जनादेश मांग रहे हैं। इससे पहले वे कुथुपरम्बा और पय्यानूर का भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। पिछले दो चुनावों में उन्हें यहाँ से भारी बहुमत मिला है, जिससे सत्ता में एलडीएफ की वापसी की राह आसान हुई थी। आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री पूरे राज्य में एलडीएफ के चुनाव प्रचार की कमान संभालेंगे और विकास के एजेंडे को घर-घर पहुँचाएंगे।

