सेवानिवृत्त रेलकर्मी की पेंशन से रिकवरी पर रोक, कैट ने पमरे से मांगा जवाब

जबलपुर। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण, कैट के न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अखिल कुमार श्रीवास्तव प्रशासनिक सदस्य मल्लिका आर्या की युगलपीठ ने पश्चिम मध्य रेलवे से सेवानिवृत्त कर्मचारी की पेंशन से की जा रही रिकवरी पर अंतरिम रोक लगा दी है। अधिकरण ने रेलवे को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 22 अक्टूबर 2026 को होगी।

याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी डीके नेमा की ओर से कहा गया कि सेवानिवृत्ति के बाद जारी पीपीओ में पेंशन कम्यूटेशन के नाम पर लगभग 15 वर्षों तक प्रति माह 15, 300 रुपये की कटौती दर्शाई गई है। इसके अतिरिक्त, बिना किसी पूर्व सूचना के पेंशन से 19, 762 रुपये की अतिरिक्त वसूली भी कर ली गई। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के उन निर्णयों का हवाला दिया गया है, जिनमें सेवानिवृत्त कर्मचारियों से इस प्रकार की वसूली को परिस्थितियों के आधार पर अनुचित माना गया है। अधिवक्ता ने अधिकरण को बताया कि रेलवे जल्द ही आगे भी रिकवरी करने जा रहा है, इसलिए तत्काल राहत आवश्यक है। कैट ने अंतरिम आदेश में कहा कि अगली सुनवाई तक यदि याचिकाकर्ता के विरुद्ध कोई रिकवरी की जानी है तो उस पर रोक रहेगी। साथ ही रेलवे प्रशासन को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिये है।

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