वायु गुणवत्ता में सुधार सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी : रेखा गुप्ता

नयी दिल्ली, 10 जुलाई (वार्ता) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि ‘स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली’ कार्यक्रम दिल्ली सरकार की उस सोच का हिस्सा है, जिसमें विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को समान महत्व दिया गया है। श्रीमती गुप्ता ने ‘स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली’ के अंतर्गत आयोजित ओरिएंटेशन वर्कशॉप में कहा कि वायु प्रदूषण जैसी जटिल चुनौती से निपटने के लिए दिल्ली सरकार एक व्यापक, वैज्ञानिक और दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही है। वायु गुणवत्ता में सुधार किसी एक विभाग का काम नहीं है बल्कि सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए पर्यावरण, परिवहन, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, डीपीसीसी, डीटीएल, दिल्ली जल बोर्ड इत्यादि के बीच मजबूत संस्थागत समन्वय तंत्र स्थापित किया गया है। ‘स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली’ कार्यक्रम दिल्ली सरकार की उस सोच का हिस्सा है, जिसमें विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को समान महत्व दिया गया है। तेजी से विकसित हो रही राजधानी में परिवहन, ऊर्जा, निर्माण, अपशिष्ट प्रबंधन और नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में हो रहे बदलावों को एक साझा लक्ष्य के साथ जोड़ना समय की आवश्यकता है। इसी सोच के साथ ‘दिल्ली क्लीन एयर प्रोग्राम’ की परिकल्पना की गयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार की रणनीति साफ है, प्रदूषण के स्रोत पर रोक लगाना, डेटा के आधार पर निगरानी करना, तकनीक के जरिए नियमों का सख्ती से पालन कराना और लोगों की भागीदारी बढ़ाना। सरकार का लक्ष्य सिर्फ वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में सुधार करना नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाना भी है। उन्होंने वर्ल्ड बैंक, भारत सरकार के आर्थिक कार्य विभाग और सभी संबंधित एजेंसियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार, वर्ल्ड बैंक और दिल्ली सरकार के बीच यह साझेदारी राजधानी के लिए स्वच्छ और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘दिल्ली क्लीन एयर प्रोग्राम’ आने वाले वर्षों में देश के अन्य शहरों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बनकर उभरेगा।

उल्लेखनीय है कि यह परियोजना सितंबर 2026 से अगस्त 2033 तक दिल्ली के सभी जिलों में लागू की जायेगी। इसकी कुल अनुमानित लागत 8,300 करोड़ रुपये है, जिसमें 65 प्रतिशत वित्तीय लोन वर्ल्ड बैंक द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा, जबकि शेष 35 प्रतिशत राशि दिल्ली सरकार वहन करेगी। इस अवसर पर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को अपनी प्राथमिकता में रखा है। वर्ष 2026-27 के ग्रीन बजट के तहत एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के कुल बजट का लगभग 21 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छ हवा, हरित दिल्ली और स्वच्छ यमुना के लिए समर्पित किया गया है।

यह केवल वित्तीय आवंटन राजधानी के प्रत्येक नागरिक को बेहतर और स्वस्थ जीवन उपलब्ध कराने की सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक है। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि वायु प्रदूषण जैसी चुनौती से निपटने के लिए वैज्ञानिक सोच, तकनीकी नवाचार और दीर्घकालिक योजना की आवश्यकता है। सरकार की प्रत्येक नीति और पहल का उद्देश्य वायु गुणवत्ता में ठोस सुधार लाने के साथ-साथ सतत शहरी विकास को बढ़ावा देना है। वर्ल्ड बैंक के साथ दिल्ली सरकार की साझेदारी राजधानी की पर्यावरणीय यात्रा में एक नये और परिवर्तनकारी अध्याय की शुरुआत है। वर्ल्ड बैंक की वैश्विक विशेषज्ञता, तकनीकी मार्गदर्शन तथा संस्थागत सहयोग दिल्ली को स्वच्छ वायु और जलवायु अनुकूलन के लिए नवाचार आधारित और दीर्घकालिक समाधान विकसित करने में मदद करेगा।

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