नयी दिल्ली, 07 जुलाई (वार्ता) केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा की अध्यक्षता में मंगलवार को युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय तथा रक्षा मंत्रालय के साथ एक उच्च स्तरीय अंतर-मंत्रालयी बैठक आयोजित की गयी जिसका उद्देश्य टीबी मुक्त भारत अभियान को और प्रभावी बनाना तथा विभिन्न मंत्रालयों के समन्वय से इसे जन आंदोलन का स्वरूप देना है।
श्री नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के अनुरूप टीबी मुक्त भारत अभियान को राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन बनाने के लिए देश की युवा शक्ति का व्यापक उपयोग किया जाना चाहिए। युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों, सामुदायिक संगठनों, कार्यस्थलों और सरकारी विभागों की सक्रिय भागीदारी से टीबी की शीघ्र पहचान, उपचार और रोगियों को सहायता उपलब्ध कराने में बड़ी सफलता मिल सकती है।
उन्होंने युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय से ‘मेरा युवा भारत’ के स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेटों की भागीदारी बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों और समुदायों में युवाओं के नेतृत्व में जागरूकता अभियान तेज करने तथा स्वयंसेवकों को प्रमुख निक्षय मित्र के रूप में प्रशिक्षित करने पर भी जोर दिया।
रक्षा मंत्रालय से उन्होंने एनसीसी कैडेटों और रक्षा कर्मियों के माध्यम से जागरूकता रैलियां, टीबी जांच शिविर, घरेलू संपर्क शिक्षा और टीबी मरीजों के लिए पोषण सहायता कार्यक्रमों को व्यापक बनाने का अनुरोध किया। साथ ही एनसीसी प्रशिक्षण शिविरों, गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और ग्रामीण आउटरीच कार्यक्रमों में टीबी जागरूकता गतिविधियों को शामिल करने की बात कही।
बैठक में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि देश के लगभग 06 लाख स्नातक और 02 लाख स्नातकोत्तर चिकित्सा छात्रों को मेडिकल कॉलेजों के माध्यम से अभियान से जोड़कर टीबी उन्मूलन को नयी गति दी जा सकती है। उन्होंने जिला स्तर पर बेहतर समन्वय के लिए प्रतिभा सेतु कार्यक्रम के अधिकारियों को जिला टीबी समन्वय समितियों से जोड़ने का भी सुझाव दिया।
बैठक में साझा किये गये आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2024 में शुरू हुए टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत अब तक 28 करोड़ से अधिक लोगों की टीबी जांच की जा चुकी है। इस दौरान 39 लाख से अधिक टीबी मरीजों की पहचान हुई, जिनमें 12.93 लाख लक्षणहीन मरीज छाती के एक्स-रे के माध्यम से सामने आये। इसके अलावा 57 लाख से अधिक निक्षय मित्रों ने पंजीकरण कराया है और टीबी मरीजों को 3.89 करोड़ से अधिक पोषण पैकेट वितरित किये गये हैं।
