कोम, 07 जुलाई (वार्ता) ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों के जनाजे की नमाज के लिए मंगलवार को कोम की पवित्र जामकरन मस्जिद में लाखों शोक संतप्त लोग जमा हुए।
इस धार्मिक शहर में ‘ट्रंप पर 100 मिलियन डॉलर का इनाम’ लिखा एक बैन) भी प्रदर्शित किया गया, जो श्री ट्रम्प को लेकर ईरानियों के आक्रोश को दर्शाता है।
श्री आयतुल्लाह खामेनेई के पार्थिव शरीर को जामकरन मस्जिद लाया गया, जहां जनाजे की नमाज से पहले उसे अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। इस धार्मिक समारोह का नेतृत्व ग्रैंड आयतुल्लाह अब्दुल्ला जवादि अमोली ने किया, जिसमें धार्मिक विद्वान, सरकारी अधिकारी, सैन्य कमांडर और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
मंगलवार को यह शोक शृंखला शिया मुसलमानों के सबसे पवित्र स्थलों की ओर बढ़ी। इसमें तेहरान के दक्षिण में स्थित कोम शहर शामिल है। इसके बाद पड़ोसी देश इराक के नजफ और कर्बला शहरों में भी शोक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
नमाज के बाद, जनाजे के जुलूस को जामकरन मस्जिद से हजरत फातिमा मासूमा की दरगाह तक ले जाने का कार्यक्रम तय था।
दिवंगत सर्वोच्च नेता के पार्थिव शरीर को कोम लाये जाने और अंतिम संस्कार की रस्मों के बीच, आईआरजीसी कुद्स फोर्स के कमांडर इस्माइल गनी ने कहा कि इराक में प्रस्तावित जनाजे का जुलूस बदले की मांग को और तेज करेगा तथा अमेरिका के खिलाफ दोनों देशों के बीच एकता को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि श्री खामेनेई के लिए शोक सभाएं आयोजित करने की इराक सरकार की योजना दोनों देशों के बीच संबंधों की गहराई को दर्शाती है।
श्री गनी ने कहा कि इराक में श्री खामेनेई का जनाजा अमेरिकी साजिशों के खिलाफ दोनों देशों की ‘भींची हुई मुट्ठियों’ को और मजबूत करेगा तथा ‘खून के बदले की आखिरी सीमा’ को और अधिक गहरा करेगा।
‘इरना’ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी मंगलवार को नजफ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर श्री खामेनेई के पार्थिव शरीर के आगमन पर आयोजित होने वाले एक आधिकारिक स्वागत समारोह में शामिल होंगे।
इराकी समाचार माध्यम ‘शफाक न्यूज’ के अनुसार, इस स्वागत समारोह में इराकी प्रधानमंत्री के साथ-साथ इराक के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
सोमवार से ही पूरे ईरान से भीड़ कोम पहुंचने लगी थी, जिससे भोर होने से पहले ही मस्जिद का प्रांगण और प्रार्थना कक्ष पूरी तरह भर गया। इस समारोह के लिए एकत्र हुए लोगों के हाथों में लाल रंग के बैनर और ईरान का राष्ट्रीय ध्वज था।
यह बहु-दिवसीय अंतिम संस्कार रस्म शुक्रवार को शुरू हुई। इसके तहत श्री आयतुल्लाह खामेनेई के पार्थिव शरीर को तेहरान के इमाम खुमैनी मुसल्ला में रखा गया, जहां विदेशी गणमान्य व्यक्तियों और धार्मिक हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। सप्ताहांत को भी सार्वजनिक विदाई समारोह और प्रार्थनाएं जारी रहीं। कल तेहरान की सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जब जनाजे का जुलूस राजधानी के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजरा।
बुधवार को यह शोक कार्यक्रम इराक में जारी रहने का कार्यक्रम है। अंतिम रस्में गुरुवार को मशहद में पूरी की जायेंगी, जहां श्री आयतुल्लाह खामेनेई की कथित इच्छानुसार उन्हें आठवें शिया इमाम, इमाम रजा (अ.स.) की दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जायेगा।
श्री खामेनेई अपने परिवार के कुछ सदस्यों के साथ 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिकी-इजरायली संयुक्त हमले के पहले दिन मारे गये थे।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के श्री खामेनेई के शोक दृश्यों को ‘झूठे आंसू’ बताये जाने को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि शोक संतप्त लोगों की ओर से व्यक्त किया गया दुख वास्तविक दर्द और पीड़ा को दर्शाता है।
श्री पेजेशकियान ने कहा, “आंसू उस दर्द और दुख से निकलते हैं, जो किसी इंसान के भीतर उमड़ता है, और दुनिया इस सच्चाई को देख रही है।”
सुपुर्द-ए-खाक की रस्म गुरुवार को मशहद के इमाम रजा दरगाह में होने वाली है, जो श्री खामेनेई की जन्मस्थली है और ईरान के सबसे पवित्र शहरों में से एक है।
अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों में शामिल शोक संतप्त काले कपड़ों के समंदर के बीच लाल झंडे देखे जा सकते हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने की मांगों के साथ ये धार्मिक झंडे खून और शहादत का प्रतीक हैं।
ईरानी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एक ईरानी मैसेजिंग एप्लिकेशन पर समर्थक ‘हमारा बदला तय है’ और ‘उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी होगी’ जैसे नारे लगा रहे हैं।
