
सिंगरौली । शासकीय महाविद्यालय बरगवां में पदस्थ दिव्यांग सहायक प्राध्यापक संतोष कुमार दुबे को स्थानांतरण मामले में म.प्र. उच्च न्यायालय जबलपुर से अंतरिम राहत मिली है।
न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ ने राज्य शासन को निर्देशित किया है कि याचिकाकर्ता के लंबित अभ्यावेदन का 30 दिनों के भीतर विधि अनुसार निराकरण किया जाए। साथ ही 15 जून को जारी स्थानांतरण आदेश के प्रभाव एवं क्रियान्वयन पर 30 दिनों अथवा अभ्यावेदन के निराकरण तक, जो भी पहले हो, रोक लगा दी है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राम विशाल पाण्डेय ने न्यायालय में पक्ष रखते हुए बताया कि संतोष कुमार दुबे इतिहास विषय के सहायक प्राध्यापक हैं तथा 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता से ग्रसित हैं। उनका स्थानांतरण शासकीय महाविद्यालय बरगवां, जिला सिंगरौली से शासकीय महाविद्यालय बांदा, जिला सागर कर दिया गया है। स्थानांतरण के विरुद्ध उन्होंने सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत किया था, लेकिन उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसके बाद न्यायालय ने प्रतिवादी क्रमांक-2 को कारणयुक्त आदेश पारित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि इस आदेश में मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है। न्यायालय के आदेश के बाद फिलहाल संतोष कुमार दुबे को स्थानांतरण आदेश से अस्थायी राहत मिल गई है।
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