मुंबई | भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार की सुबह बड़ी राहत लेकर आई है। वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते तनाव में कमी के संकेतों ने निवेशकों के उत्साह को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 566 अंकों की छलांग लगाकर 78,677 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी-50 भी 154 अंकों की तेजी के साथ 24,385 के पार निकल गया। वैश्विक बाजारों से मिल रहे सकारात्मक रुझानों के कारण दलाल स्ट्रीट पर चारों तरफ हरियाली छाई हुई है और शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों ने मोटी कमाई की है।
बाजार में आई इस जबरदस्त तेजी की मुख्य वजह कच्चे तेल के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) का खुलना है। अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा तनाव कम होने और ईरान के साथ आपूर्ति समझौतों पर सकारात्मक बयान देने के बाद वैश्विक सप्लाई चेन के ठप होने का डर खत्म हो गया है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर होकर $95 प्रति बैरल के आसपास आ गई हैं। तेल की कीमतों में गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा बूस्टर साबित हुई है, जिससे रुपया भी मजबूत हुआ है।
आज के कारोबार में रियल्टी, मीडिया, फाइनेंशियल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर के शेयरों में सबसे अधिक खरीदारी देखी जा रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी लगभग एक प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। हालांकि बाजार का माहौल सकारात्मक है, लेकिन विशेषज्ञों ने निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। जानकारों का मानना है कि ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली (Profit Booking) देखी जा सकती है, इसलिए आने वाली तिमाही के नतीजों और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखना जरूरी है।

