इस्लामाबाद 30 जून (वार्ता) पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने एक बहुत अजीबोगरीब बयान में दावा करते हुए कहा कि अगर किसी ने पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोकने की कोशिश की तो हम उन हाथों को काट देंगे।
श्री मलिक ने यह बात एक संवाददाता सम्मेलन में कही। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ऐसा ऐलान ही नहीं कर रहा वह ऐसा करके दिखा भी चुका है। उन्होंने दावा किया कि बीते एक-डेढ़ साल में ऐसा किया भी गया है। उन्होंने कहा कि सवाल इंसाफ का भी है।
इससे इतर सिंधु जल संधि को लेकर मंगलवार को यहां एक सेमीनार भी आयोजित किया गया। इसमें इसमें कानूनी एक्सपर्ट, जल एक्सपर्ट्स और विदेशी प्रतिनिधि शामिल हुए और संधि के कानूनी और तकनीकी पहलुओं पर चर्चा हुयी।
पाकिस्तान के सूचना और प्रसारण मंत्री अताउल्लाह तरार ने सेमिनार में कहा कि पाकिस्तान हर हाल में सिंधु जल संधि की पवित्रता की रक्षा करने के लिए तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर देश का पानी रोकने की कोई कोशिश की गई, तो राष्ट्रीय नेतृत्व उसका कड़ा जवाब देने के लिए तैयार है।
श्री तरार ने कहा कि पाकिस्तान इस संधि को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पानी का हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और स्थिरता को कमज़ोर करने जैसा है। सन 1960 की सिंधु जल संधि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक खास जगह रखती है और यह दुनिया के सबसे लंबे समय से चले आ रहे जल-बंटवारे समझौतों में से एक है।
गौरतलब है कि अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक संधि बहाल नहीं होगी। इस संधि पर तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के बीच दस्तखत हुए।
