जबलपुर: मझौली थाना अंतर्गत वार्ड नंबर 11 पोला रोड में 13 जून को पुश्तैनी जमीनी रंजिश के चलते मां-बेटे ने गर्भवती महिला से मारपीट की गई। हमले के कारण महिला के गर्भ में पल रहे नवजात शिशु की मौत हो गई थी। पुलिस द्वारा मामूली धाराओं में केस दर्ज किए जाने से नाराज पीडि़त परिवार ने अब न्याय के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में गुहार लगाई है।पीडि़त अतुल साहू ने पुलिस को बताया कि उनके मामा का लडक़ा दुर्गेश साहू और मामी लक्ष्मी बाई पुराने पुस्तैनी जमीनी विवाद को लेकर उनसे रंजिश रखते हैं। बीती 13 जून को अतुल अपने मामा विजय साहू का इलाज कराने मझौली अस्पताल गए हुए थे।
इसी दौरान उनके पास पत्नी ज्योति का फोन आया कि दुर्गेश और मामी लक्ष्मी घर में घुसकर उनके साथ मारपीट कर रहे हैं। अतुल जब आनन-फानन में घर पहुंचे तो उनकी गर्भवती पत्नी ज्योति जमीन पर बेसुध पड़ी तड़प रही थीं। ज्योति ने बताया कि दुर्गेश ने उनके पेट पर बेहद जोर से मुक्का मारा, जिससे उन्हें तेज दर्द शुरू हो गया था वहीं मामी सास लक्ष्मी साहू ने भी बाल पकडक़र उन्हें बेरहमी से पीटा।
जाते-जाते आरोपियों ने धमकी दी कि यदि यह जमीन नहीं छोड़ी, तो पूरे परिवार को जान से खत्म कर देंगे। गंभीर हालत में ज्योति को तुरंत मझौली अस्पताल ले जाया गया था। वहां डॉक्टर ने जांच के बाद बताया कि पेट पर लगे घातक वार के कारण गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो चुकी है। महिला की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत जबलपुर मेडिकल अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ है। घटना से टूट चुके पीडि़त परिवार ने एसपी ऑफिस पहुंचकर न्याय की मांग की है। परिवार का आरोप है कि इतनी बड़ी घटना के बाद भीपुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बेहद मामूली धाराओं में मामला दर्ज किया है।
मेडिकल रिपोर्ट आते ही बढ़ेगी धाराएं
इस पूरे मामले पर मझौली थाना प्रभारी नेहरू सिंह खण्डाते का कहना है कि पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 13 जून को ही एफआईआर दर्ज कर ली गई थी । महिला की विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही अस्पताल से लिखित मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त होगी, मामले में तुरंत गंभीर धाराएं बढ़ाई जाएंगी
