मुंबई, 29 जून (वार्ता)कन्नड़ फिल्म निर्माता और पत्रकार इंद्रजीत लंकेश ने फिल्मों में कलाकारों के लिए आठ घंटे की कार्य अवधि की वकालत करने वाली अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के रुख का समर्थन करते हुए कहा है कि यह पहल न केवल कामकाजी माताओं बल्कि सभी कलाकारों के हित में है।दीपिका पादुकोण की पहली कन्नड़ फिल्म के निर्देशक रहे लंकेश ने कहा कि कलाकारों, विशेषकर मां बन चुकी अभिनेत्रियों के लिए संतुलित कार्य समय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माण की योजना इस प्रकार बनाई जानी चाहिए कि कलाकारों को लगातार लंबे समय तक काम न करना पड़े और उन्हें पर्याप्त विश्राम मिल सके।
लंकेश ने कहा कि यदि किसी कलाकार के साथ छह घंटे तक शूटिंग की जाती है, तो उसके बाद निर्देशक अन्य दृश्यों की शूटिंग कर सकता है, लेकिन कलाकार लगातार काम नहीं कर सकता क्योंकि लंबे समय तक काम करने से थकान चेहरे पर साफ दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से छोटे बच्चों की माताओं को अपने परिवार और पेशे के बीच संतुलन बनाने का अवसर मिलना चाहिए।उन्होंने कहा कि दीपिका ने आठ घंटे की कार्य अवधि का मुद्दा उठाकर सभी महिला कलाकारों और अभिनेताओं के हित में आवाज उठाई है। उनके अनुसार, कैमरा कलाकार की थकान और भावनाओं को छिपा नहीं सकता, इसलिए लंबे समय तक काम करने का असर सीधे पर्दे पर दिखाई देता है। लंकेश ने कहा कि बाद में कलाकारों को उनके थके हुए या कमजोर प्रदर्शन को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि एक अभिनेता के लिए आठ घंटे की कार्य अवधि उपयुक्त है, जबकि व्यक्तिगत रूप से उनका मानना है कि यह अवधि छह से सात घंटे होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि अभिनय का काम किसी कॉर्पोरेट कार्यालय की नौकरी की तुलना में अधिक शारीरिक और मानसिक ऊर्जा मांगता है। उनके अनुसार, कलाकारों की बेहतर स्क्रीन उपस्थिति और निजी जीवन के संतुलन के लिए कार्य अवधि सीमित होना आवश्यक है।

