
भोपाल। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने प्रदेशभर में स्कूली बच्चों की परिवहन व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए मध्यप्रदेश सरकार से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि लगभग एक वर्ष पहले जारी सुरक्षा संबंधी निर्देशों के बावजूद हजारों स्कूली बच्चे आज भी असुरक्षित परिवहन व्यवस्था के बीच सफर करने को मजबूर हैं।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रवक्ता विराज यादव ने मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग, स्कूल शिक्षा विभाग, लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई), भोपाल एवं जबलपुर जिला प्रशासन तथा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (यातायात) को शिकायत भेजकर विद्यालयों में “मैनुअल ऑन सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफ चिल्ड्रेन इन स्कूल्स” का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।
विराज यादव ने कहा कि आयोग ने 8 जुलाई 2025 को सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए थे, लेकिन आज भी कई स्कूलों में बसों को परिसर के भीतर प्रवेश नहीं दिया जाता। इसके कारण बच्चों को व्यस्त सड़कों पर बसों में चढ़ना-उतरना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ने के साथ यातायात भी बाधित होता है।
शिकायत में भोपाल और जबलपुर के कई विद्यालयों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि यह समस्या केवल इन दोनों शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लाखों विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। एनएसयूआई ने शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा संयुक्त निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
संगठन ने विधायक जयवर्धन सिंह को भी पत्र भेजकर आग्रह किया है कि आगामी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाए, ताकि प्रदेश में सुरक्षित, सुव्यवस्थित और एक समान स्कूली परिवहन नीति लागू की जा सके।
