ब्राज़ीलिया, 08 जुलाई (वार्ता) ब्राजील के एक अखबार की रिपोर्ट के अनुसार ब्राजील सरकार भारत से आकाश वायु रक्षा मिसाइलें खरीदने की योजना से पीछे हट गयी है और एक अधिक उन्नत प्रणाली के लिए इटली के साथ सौदेबाजी कर रही है। यह रिपोर्ट ऐसे समय प्रकाशित हुई है जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्राजील की यात्रा पर हैं।
‘रियो टाइम्स’ ने सरकारी सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में लिखा है कि ब्राजील का आकाश रक्षा प्रणाली खरीदने की योजना को छोड़ने का कदम “दिखाता है कि ब्राज़ील अपने फायदे के लिए भारत जैसे ब्रिक्स के साथियों से मुंह मोड़ कर पश्चिमी देशों के आपूर्तिकर्ताओं के साथ हाथ मिलाने में परहेज नहीं करेगा”।
गौरतलब है कि इस समय ब्राज़ील की सेना अपनी पुरानी वायु रक्षा की जगह कोई उन्नत प्रणाली हासिल करना चाह रही है। उसकी वर्तमान प्रणाली केवल 3,000 मीटर की ऊँचाई तक ही लक्ष्य साध सकती है।
अखबार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि भारतीय कंपनियों ने ब्राजील के लिए आकाश मिसाइल प्रणाली की पेशकश की थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्राजील की सेना को “ भारत की यह प्रणाली अन्य देशों में उपलब्ध प्रणालियों की तुलना में पुरानी लगती है।” रिपोर्ट के अनुसार “ भारत आकाश प्रणाली का उपयोग कर रहा है,लेकिन यह प्रणाली ब्राजील की लंबी दूरी की मारक क्षमता और आधुनिक तकनीक की जरूरत को पूरा नहीं करती ।”
रिपोर्ट के अनुसार ब्राजील इटली की एमबीडीए से ईएमएडीएस प्रणाली खरीदने की बातचीत कर रहा है। दैनिक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ईएमएडीएस प्रणाली सीएएमएम मिसाइल का उपयोग करती है, जो अधिक ऊंचाई और दूरी तक विमान, ड्रोन और मिसाइलों से बचाव कर सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक ब्राजील पांच अरब रीसिस या लगभग 90 करोड़ अमेरिकी डॉलर मूल्य तक का सौदा कर सकता है।
ब्राजील ने भारत के साथ आकाश मिसाइल सौदे को अपने एम्ब्रेयर केसी-390 सैन्य कार्गो विमानों की बिक्री से जोड़ने की भी कोशिश की थी, लेकिन बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी।
अखबार के अनुसार ब्राजील के रक्षा विभाग के अधिकारी अब इटली के साथ इसी तरह के प्रस्ताव पर बातचीत करने पर विचार कर रहे हैं। उनका मानना है कि इससे स्थानीय रक्षा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
रिपोर्ट के अनुसार ब्राज़ील ने इज़रायल, जर्मनी और अमेरिका की प्रणालियों पर भी विचार किया है, जिससे पता चलता है कि वह अपनी ज़रूरतों को पूरा करने वाले किसी भी आपूर्तिकर्ता के लिए खुला है।
