मुंबई, 17 जुलाई (वार्ता) तीन बार ग्रैमी पुरस्कार जीत चुके संगीतकार रिकी केज ने अपने शानदार सफर में एक और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि जोड़ ली है। रिकी केज की ओरिजिनल म्यूजिक स्कोर से सजी वन्यजीव डॉक्यूमेंट्री ‘वाइल्ड तमिलनाडु’ को ‘वाइल्डस्क्रीन पांडा अवॉर्ड्स 2026’ के ‘सस्टेनेबिलिटी अवॉर्ड’ कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला है। वन्यजीव और प्राकृतिक इतिहास पर आधारित फिल्मों की दुनिया में इस सम्मान को सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में गिना जाता है। ‘वाइल्डस्क्रीन पांडा अवॉर्ड्स’ को अक्सर ‘ग्रीन ऑस्कर्स’ भी कहा जाता है। यह पुरस्कार उन फिल्मों को दिया जाता है जो बेहतरीन सिनेमैटोग्राफी, साउंड, संगीत और संरक्षण के प्रभावशाली संदेश के साथ दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ती हैं। इस वर्ष ‘वाइल्ड तमिलनाडु’ का नॉमिनेशन दुनिया की कई प्रतिष्ठित वन्यजीव फिल्मों के साथ हुआ है।
प्रसिद्ध वन्यजीव फिल्मकार कल्याण वर्मा के निर्देशन में बनी और अभिनेता अरविंद स्वामी द्वारा नैरेट की गई ‘वाइल्ड तमिलनाडु’ दर्शकों को तमिलनाडु के विविध प्राकृतिक परिदृश्यों की यात्रा पर ले जाती है। प्राचीन जंगलों, धुंध से ढके पहाड़ों, मैंग्रोव, घास के मैदानों और समुद्री तटों के बीच यह फिल्म दुर्लभ वन्यजीवों के व्यवहार को दिखाने के साथ-साथ प्रकृति और संस्कृति के गहरे रिश्ते को भी सामने लाती है। इस फिल्म का निर्माण सुंदरम फास्टनर्स लिमिटेड की सीएसआर पहल के तहत, नेचर इनफोकस के सहयोग से और तमिलनाडु वन विभाग के समर्थन से किया गया है।
इस डॉक्यूमेंट्री की सबसे बड़ी खासियत रिकी केज का 34 ट्रैक्स वाला ओरिजिनल स्कोर है, जिसकी प्रेरणा प्राचीन संगम साहित्य से ली गई है। यह संगीत सिर्फ दृश्यों का साथ नहीं देता, बल्कि तमिलनाडु की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत करता है। ऑर्केस्ट्रा और पारंपरिक स्थानीय संगीत के सुंदर मेल से तैयार यह स्कोर राज्य की जैव विविधता, प्राकृतिक सौंदर्य और भावनात्मक गहराई को महसूस कराता है। पर्यावरण और संगीत को साथ लेकर चलने वाले रिकी केज के लिए यह नॉमिनेशन उनके उस लंबे सफर की पहचान है, जिसमें उन्होंने संगीत के जरिए संरक्षण और प्रकृति के महत्व को दुनिया तक पहुंचाने का काम किया है। ‘वाइल्ड कर्नाटक’ से लेकर ‘वाइल्ड तमिलनाडु’ तक, रिकी केज भारतीय वन्यजीव फिल्मों की एक खास संगीत पहचान बन चुके हैं। उनका संगीत कहानियों को और प्रभावशाली बनाता है, लेकिन कभी उन पर हावी नहीं होता।
रिकी केज संयुक्त राष्ट्र के ‘यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन टू कॉम्बैट डेजर्टिफिकेशन (यूएनसीसीडी)’ के गुडविल एम्बेसडर भी हैं और कई वर्षों से संगीत के माध्यम से सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं। इसी सप्ताह उन्होंने चीन के इनर मंगोलिया में आयोजित ‘इंटरनेशनल ईयर ऑफ रेंजलैंड्स एंड पास्टोरलिस्ट्स एक्सचेंज इवेंट’ में संयुक्त राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते हुए भूमि पुनर्स्थापन और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
इस उपलब्धि पर रिकी केज ने कहा, “’वाइल्ड तमिलनाडु’ हम सभी के लिए एक जुनून से जुड़ा प्रोजेक्ट था। इस फिल्म का संगीत तैयार करने के लिए मुझे तमिलनाडु की अद्भुत सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति में पूरी तरह डूबना पड़ा। ‘वाइल्डस्क्रीन पांडा अवॉर्ड्स’ में इस फिल्म को मिली पहचान सिर्फ हमारी टीम के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय वन्यजीव फिल्मों के लिए भी गर्व का क्षण है। वन्यजीव फिल्में लोगों को उन जगहों से भी प्यार करना सिखाती हैं, जहां वे शायद कभी न जा सकें। एक संगीतकार के रूप में मेरी कोशिश हमेशा इंसान और प्रकृति के बीच उस भावनात्मक रिश्ते को और गहरा बनाने की रहती है। ‘वाइल्ड तमिलनाडु’ भारत के सबसे समृद्ध प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्रों में से एक का उत्सव है और मुझे खुशी है कि मेरा संगीत इस फिल्म की यात्रा का हिस्सा बन सका। दुनिया की बेहतरीन वन्यजीव फिल्मों के बीच ‘वाइल्डस्क्रीन पांडा अवॉर्ड्स’ में यह सम्मान मिलना मेरे लिए बेहद विनम्र और गर्व का क्षण है।”

