मुंबई, 17 जुलाई (वार्ता) दक्षिणी गोलार्ध में भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े आयोजन इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (आईएफएफएम) 2026 की ओपनिंग नाइट फिल्म के रूप में समीक्षकों द्वारा सराही गई तमिल फिल्म ‘मेंबर्स ऑफ द प्रॉब्लेमैटिक फैमिली’ का चयन किया गया है। फिल्म का ऑस्ट्रेलियाई प्रीमियर 14 अगस्त को मेलबर्न में होगा। बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (बर्लिनाले) 2026 में वर्ल्ड प्रीमियर के बाद यह फिल्म अपने अंतरराष्ट्रीय फेस्टिवल सफर को आगे बढ़ाते हुए आईएफएफएम में प्रदर्शित की जाएगी। फिल्म के निर्देशक आर. गौतम और मुख्य अभिनेता करुथ्थडायन ओपनिंग नाइट समारोह तथा प्रीमियर में शामिल होंगे। 13 से 23 अगस्त तक चलने वाले इस महोत्सव में फिल्म को ज्यूरी प्रतियोगिता के तहत बेस्ट इंडी फिल्म और बेस्ट डायरेक्टर श्रेणियों में भी नामांकन मिला है।
आर. गौतम के निर्देशन में बनी यह फिल्म प्रभा नामक एक युवा की रहस्यमयी मौत के बाद उसके परिवार और समुदाय में उत्पन्न भावनात्मक उथल-पुथल की कहानी है। अंतिम संस्कार की 16 दिनों तक चलने वाली रस्मों के दौरान परिवार के विभिन्न सदस्यों के बीच वर्षों से दबे रिश्ते, भावनाएं और तनाव सामने आते हैं। कई किरदारों के माध्यम से फिल्म दुख, पारिवारिक संबंधों और मानवीय संवेदनाओं को गहराई से चित्रित करती है। निर्देशक आर. गौतम ने कहा, “’मेंबर्स ऑफ द प्रॉब्लेमैटिक फैमिली’ मेरे दिल के बेहद करीब है। यह फिल्म दुख, परिवार और समाज के भीतर मौजूद जटिल रिश्तों की कहानी कहती है। बर्लिनाले में प्रीमियर के बाद आईएफएफएम की ओपनिंग नाइट फिल्म बनना हमारे लिए सम्मान की बात है। आईएफएफएम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय सिनेमा का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है और मैं अपनी टीम के साथ ऑस्ट्रेलियाई दर्शकों के सामने यह फिल्म पेश करने को लेकर उत्साहित हूं।”
आईएफएफएम की फेस्टिवल डायरेक्टर मितु भौमिक लांगे ने कहा, “आईएफएफएम हमेशा से भारत के हर कोने और हर भाषा की कहानियों को दुनिया के सामने लाने का मंच रहा है। ‘मेंबर्स ऑफ द प्रॉब्लेमैटिक फैमिली’ एक शानदार पहली फिल्म है, जो तमिल संस्कृति से गहराई से जुड़ी होने के बावजूद अपने भावों और मानवीय अनुभवों के कारण दुनिया भर के दर्शकों से जुड़ती है। हमें खुशी है कि इसका ऑस्ट्रेलियाई प्रीमियर हमारे महोत्सव की ओपनिंग नाइट फिल्म के रूप में होगा।” उल्लेखनीय है कि आईएफएफएम 2026 में विभिन्न भारतीय भाषाओं और क्षेत्रों की चर्चित फिल्मों की स्क्रीनिंग, विशेष संवाद सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य आयोजन भी आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से भारतीय सिनेमा की विविधता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाया जाएगा।

