नयी दिल्ली, 17 जुलाई (वार्ता) भारतीय रेसलिंग के दिग्गज और कभी न हारने वाले मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) फाइटर संग्राम सिंह अपने कॉम्बैट स्पोर्ट्स करियर के सबसे बड़े मुकाबलों में से एक के लिए तैयार हैं। वह 19 जुलाई को कुआलालंपुर, मलेशिया में प्रतिष्ठित स्ट्राइक एशिया चैंपियन टाइटल के लिए पाकिस्तान के मोहम्मद आबिद अली का सामना करेंगे। भारत और पाकिस्तान के बीच इस बहुप्रतीक्षित मुकाबले की शुरुआत भारतीय समयानुसार शाम लगभग 6:30 से 7:00 बजे के बीच होने की उम्मीद है। इसका प्रसारण मलेशियाई नेशनल टीवी और स्पोर्ट्स चैनल पर लाइव किया जाएगा।
इस टाइटल फाइट को लेकर कॉम्बैट स्पोर्ट्स जगत में काफी उत्साह है और विजेता को स्ट्राइक एशिया चैंपियन का ताज पहनाया जाएगा। यह मुकाबला प्रोफेशनल रेसलिंग से मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में संग्राम के शानदार बदलाव में एक और अहम पड़ाव भी है।
दो बार के कॉमनवेल्थ हैवीवेट रेसलिंग चैंपियन और भारत के सबसे कामयाब रेसलर्स में से एक, संग्राम ने अपने प्रोफेशनल एमएमए करियर की शानदार शुरुआत की है। उन्होंने जॉर्जिया में अपने एमएमए डेब्यू में पाकिस्तान के अली रज़ा नासिर को सिर्फ़ 90 सेकंड में हराकर ग्लोबल स्टेज पर अपनी पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने नीदरलैंड्स में ट्यूनीशिया के हकीम ट्रैबेल्सी और अर्जेंटीना में फ्रांस के फ्लोरियन कौडियर के ख़िलाफ़ शानदार जीत हासिल की। अर्जेंटीना में मिली जीत ने उन्हें अर्जेंटीना की धरती पर प्रोफेशनल एमएमए बाउट जीतने वाला पहला भारतीय भी बना दिया, जिससे उनका अपराजित प्रोफेशनल रिकॉर्ड 3-0 हो गया।
केज के अंदर अपनी उपलब्धियों के अलावा, संग्राम भारत में स्पोर्ट्स और फिटनेस को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। वह युवा मामले और खेल मंत्रालय के तहत ‘फिट इंडिया आइकन’ के तौर पर काम कर रहे हैं और उन्हें आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा ‘स्वच्छ भारत अभियान’ का ब्रांड एंबेसडर भी नियुक्त किया गया है। चैंपियनशिप मुकाबले से पहले संग्राम सिंह ने कहा, “जब भी मैं रिंग (केज) में उतरता हूँ, तो सिर्फ़ अपने लिए नहीं लड़ता; मैं 140 करोड़ भारतीयों के लिए लड़ता हूँ।
भारत बनाम पाकिस्तान का मुकाबला हमेशा खास होता है, चाहे खेल कोई भी हो, और मैं इस मुकाबले से जुड़ी भावनाओं को अच्छी तरह समझता हूँ। मैंने पूरी अनुशासन और अपने प्रतिद्वंद्वी के प्रति सम्मान के साथ ट्रेनिंग की है, लेकिन एक बार जब रिंग का दरवाज़ा बंद हो जाता है, तो मेरा एकमात्र मकसद यह सुनिश्चित करना होता है कि भारतीय तिरंगा शान से लहराए। मेरा मानना है कि फिटनेस, लगन और मानसिक मज़बूती ही किसी भी एथलीट के सबसे बड़े हथियार होते हैं।” उम्मीद है कि यह मुकाबला इस साल कॉम्बैट स्पोर्ट्स में भारत-पाकिस्तान के बीच सबसे ज़्यादा चर्चा में रहने वाले मुकाबलों में से एक होगा, और प्रशंसक इस अजेय भारतीय खिलाड़ी के एक और यादगार प्रदर्शन का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। रविवार को जीत न केवल संग्राम को ‘स्ट्राइक एशिया चैंपियन’ का खिताब दिलाएगी, बल्कि रेसलिंग में शानदार करियर के बाद मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में भी उनकी बढ़ती पहचान को और मज़बूत करेगी।

