राज्यभर में आंदोलन छेड़ेंगे आउटसोर्स और अस्थायी कर्मचारी

भोपाल। मध्य प्रदेश के लाखों आउटसोर्स और अस्थायी कर्मचारियों ने बेहतर वेतन, रोजगार सुरक्षा और लंबित मांगों को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। ऑल डिपार्टमेंट आउटसोर्स अस्थायी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा की प्रदेश स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अगले महीने से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।

 

नीलम पार्क में आयोजित बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने की, जबकि संचालन कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. अमित सिंह ने किया। बैठक में प्रदेश के 25 से अधिक जिलों तथा 10 से अधिक कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

 

बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि 14 जुलाई को प्रदेश के सभी जिलों में जिला कलेक्टरों के माध्यम से मुख्यमंत्री और श्रम मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। ज्ञापन में न्यूनतम मासिक वेतन 26 हजार रुपये, नौकरी की सुरक्षा, स्वास्थ्य विभाग के लंबित वेतन एवं एरियर का भुगतान, ग्राम पंचायत चौकीदारों, पंप ऑपरेटरों, स्कूल एवं छात्रावासों के अंशकालीन कर्मचारियों, बैंक आउटसोर्स कर्मियों सहित सभी अस्थायी कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समाधान की मांग की जाएगी।

 

मोर्चा ने यह भी घोषणा की कि आगामी विधानसभा सत्र से पहले 20 जुलाई को भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के मुख्य आतिथ्य में प्रदेशव्यापी ‘न्याय दिलाओ सभा’ आयोजित की जाएगी। सभा में सभी विभागों के अस्थायी कर्मचारियों के लिए समान न्यूनतम वेतन, रोजगार सुरक्षा, सरकारी विभागों में स्थायी भर्ती नीति और आगे की आंदोलनात्मक रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा।

 

बैठक के दौरान पुलिस प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम 14 सूत्रीय मांगपत्र भी सौंपा गया, जिसमें न्यूनतम वेतन कानून का सख्ती से पालन कराने तथा विशेष रूप से स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के लंबित वेतन और एरियर का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई।

 

प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार ने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के नियमित पदों को समाप्त कर आउटसोर्स व्यवस्था लागू कर दी है, जिसके कारण कई कर्मचारियों को मात्र 3,000 से 5,000 रुपये प्रतिमाह पर काम करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अधिसूचित न्यूनतम वेतन 12,500 से 17,000 रुपये होने के बावजूद अधिकांश कर्मचारियों को केवल 10,000 से 12,000 रुपये ही मिल रहे हैं, जो बढ़ती महंगाई में सम्मानजनक जीवन के लिए पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 26,000 रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग दोहराई।

 

कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. अमित सिंह ने सभी कर्मचारी संगठनों से एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की एकता ही उनके अधिकारों की सबसे बड़ी ताकत है। बैठक में विभिन्न जिलों और कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने भी भाग लिया और 20 जुलाई की न्याय दिलाओ सभा को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।

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