इंदौर: विशेष एससी/एसटी अदालत के न्यायाधीश देवेंद्र प्रसाद मिश्र ने प्रेम विवाह के विवाद में युवक की चाकू मारकर हत्या करने के आठ साल पुराने मामले में सभी छह आरोपियों को दोषी करार दिया है. कोर्ट ने अरुण भालसे, शिवराम भालसे, राहुल पंवार, सोनू दांगे, राजेश मोए और विशाल खेड़ेकर सभी निवासी भावनानगर, इंदौर को हत्या के तहत आजीवन कारावास और हत्या का प्रयास के तहत सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है.
अभियोजन के अनुसार, 26 जुलाई 2018 को भावना नगर निवासी तेजकरण ने रिंकी भालसे से प्रेम विवाह किया था. इस शादी से नाराज रिंकी के भाई अरुण भालसे और उसके साथियों ने अड़ीबाजी करते हुए तेजकरण पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इस दौरान बीच बचाव करने आए तेजकरण के दोस्त मोनूराव पर भी जानलेवा हमला किया था. भंवरकुआं पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज किया था.
गवाह पलटे, पर साक्ष्यों ने दिलाई सजा
मुकदमे के दौरान मृतक की पत्नी रिंकी और घायल चश्मदीद मोनूराव कोर्ट में अपने बयानों से मुकर (होस्टाइल) गए . इसके बावजूद, अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती आरती भदौरिया ने हार नहीं मानी. उन्होंने मौके पर मौजूद अन्य प्रत्यक्षदर्शियों, मेडिकल रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर इतनी प्रभावी पैरवी की कि अदालत ने अन्य चश्मदीदों की गवाही को स्वाभाविक मानते हुए सभी छह आरोपियों को कठोर सजा से दंडित किया.
