
सीधी।प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सिहावल में स्व-सहायता समूहों की कुक-कम-हेल्पर (रसोइयों) के बीच स्वनिर्मित पारंपरिक एवं पौष्टिक व्यंजन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्टर विकास मिश्रा ने की। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल सभी महिला रसोइयों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराने में कुक-कम-हेल्पर्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके समर्पण और मेहनत से ही प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना का उद्देश्य सफल हो रहा है।
प्रतियोगिता में विभिन्न स्व-सहायता समूहों की रसोइयों ने स्थानीय एवं पौष्टिक खाद्य सामग्री से आकर्षक और स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए। कलेक्टर विकास मिश्रा ने सभी व्यंजनों का अवलोकन कर उनकी गुणवत्ता, पोषण मूल्य, स्वच्छता एवं प्रस्तुतीकरण की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय खाद्य सामग्री पर आधारित पौष्टिक भोजन बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है तथा ऐसे नवाचारों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्व-सहायता समूहों को नगद पुरस्कार एवं प्रशस्ति प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। रानी दुर्गावती महिला स्व-सहायता समूह, चितबरिया क्रमांक-4 को प्रथम स्थान प्राप्त होने पर 5000 रुपये का नगद पुरस्कार एवं प्रशस्ति प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। आशिया महिला स्व-सहायता समूह, गेरुआ को द्वितीय स्थान के लिए 3000 रुपये तथा अनीश महिला स्व-सहायता समूह, बमुरी गजकरण को तृतीय स्थान के लिए 2000 रुपये का नगद पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इसके अलावा अनीशा महिला स्व-सहायता समूह, सांदीपनि हायर सेकेंडरी विद्यालय सिहावल को सहभागिता के लिए 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं सहभागिता प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कलेक्टर विकास मिश्रा ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं रसोइयों में नवाचार, स्वच्छता, गुणवत्ता और पौष्टिक भोजन तैयार करने की भावना को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने सभी कुक-कम-हेल्पर्स से बच्चों के भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं पोषण मानकों का विशेष ध्यान रखने का आग्रह किया तथा उनके योगदान की सराहना की।कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, विद्यालय परिवार, स्व-सहायता समूहों की रसोइयों एवं अन्य संबंधित कर्मचारियों की उपस्थिति रही।
