
सागर। दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, सागर के हिंदी विभाग एवं महाविद्यालय परिवार द्वारा हिंदी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. रंजना मिश्रा के सेवानिवृत्ति पर विदाई और सम्मान समारोह आयोजित किया गया। डॉ. राम कुमार तिवारी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया।
इस अवसर पर प्रोफेसर डॉ. रंजना मिश्रा के जीवनसाथी डॉ. एस. एस. (सोम शंकर) मिश्रा ने कहा कि शिक्षण केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि समाज निर्माण का सबसे बड़ा माध्यम है। प्रोफेसर डॉ. रंजना मिश्रा ने भावुक स्वर में कहा कि महाविद्यालय उनका केवल कार्यस्थल नहीं, बल्कि दूसरा परिवार रहा है। मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा विभाग, सागर संभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. नीरज दुबे ने कहा कि उन्होंने अपने ज्ञान, अनुशासन और सरल व्यवहार से विद्यार्थियों के साथ-साथ सहकर्मियों के मध्य भी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता, बल्कि उसका अनुभव समाज की अमूल्य धरोहर होता है।
समारोह में डॉ. लक्ष्मी पाण्डेय, डॉ. छाया चौकसे, डॉ. विनय कुमार शर्मा, डॉ. ए. सी. जैन, आर. के. गोस्वामी, अजय सिंह ठाकुर, डॉ. दिव्या गुरु सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं कर्मचारियों ने प्रोफेसर डॉ. रंजना मिश्रा को शाल, श्रीफल, स्मृति-चिह्न एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया संचालन डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने किया।
