
भोपाल। राजधानी के मैनिट सभागार में शुक्रवार को प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना कार्यक्रम का लाइव प्रसारण आयोजित किया गया. यह कार्यक्रम देशभर के 200 स्थानों पर एक साथ प्रसारित किया गया. भोपाल में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मध्यप्रदेश शासन के कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल और अपर केंद्रीय भविष्य निधि संगठन के क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त गौतम ने किया.
कार्यक्रम में अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त गौतम, आंचलिक कार्यालय के शलभ दुबे, क्षेत्रीय आयुक्त राशेान कश्यप, भविष्य निधि आयुक्त बसंत कुर्रे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.
प्रधानमंत्री के लाइव संबोधन से पहले अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त गौतम ने कहा कि रोजगार के क्षेत्र में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना एक नए अध्याय की शुरुआत कर रही है. उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश के आठ स्थानों से करीब 3500 लाभार्थी नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से सीधे जुड़े.
उन्होंने कहा कि श्रम मंत्रालय भारत सरकार ने पिछले 12 वर्षों में कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं. पुराने 29 श्रम कानूनों को चार नई श्रम संहिताओं में परिवर्तित किया गया है, जिससे कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा, बेहतर कार्य परिस्थितियां और कंपनियों के लिए व्यापार को सुगम बनाने की दिशा में काम हुआ है. उन्होंने बताया कि बीड़ी, सिनेमा और कोयला खदानों में कार्यरत श्रमिकों के एक लाख 20 हजार बच्चों को शिक्षा एवं सहायता उपलब्ध कराई गई है, जबकि 16 लाख बच्चों को एक्ट सपोर्ट योजना का लाभ मिला है. इसी योजना के तहत एक करोड़ 12 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया है और श्रम मंत्रालय के पोर्टल के माध्यम से 50 हजार से अधिक मामलों का निराकरण किया गया है.
कार्यक्रम में कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि सरकार की योजनाएं युवाओं, श्रमिकों और उद्योगों को जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही हैं. प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के माध्यम से देश रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अध्याय की ओर बढ़ रहा है.
उन्होंने बताया कि योजना के लिए 99,496 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसके तहत 31 जुलाई 2027 तक करीब साढ़े तीन करोड़ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
