नयी दिल्ली, 17 जून (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की चंडीगढ़ क्षेत्रीय इकाई ने मेसर्स महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में हाल ही में करनाल, दिल्ली और गोवा में अशोक मित्तल, सौरभ ढींगरा, भारत भूषण मित्तल, रमन सिंघल और अन्य से जुड़े 11 परिसरों पर तलाश अभियान चलाया है।
ईडी ने मेसर्स महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड, उसके निदेशकों और अन्य के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की यहां बीएसएफबी शाखा द्वारा आईपीसी, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत जांच शुरू की थी।
यह मामला फिनाकल सिस्टम में प्रविष्टि किये बिना अनधिकृत स्विफ्ट संशोधनों के माध्यम से विदेशी साख पत्र (एफएलसी) को धोखाधड़ी से बढ़ाने से जुड़ा है। इससे ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और सहयोगी बैंकों को लगभग 155.21 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
ईडी जांच में सामने आया कि मेसर्स महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड ने भारत और सिंगापुर में अपनी सहयोगी संस्थाओं और व्यक्तियों के साथ साजिश रची। कंपनी ने बिना किसी वास्तविक लकड़ी के आयात के हेरफेर किये गये एफएलसी के माध्यम से लगभग 195.02 करोड़ रुपये की राशि की धोखाधड़ी की।
सीमा शुल्क अधिकारियों की ओर से की गयी जांच में यह बात साबित हुई है कि बैंकों को सौंपे गये बड़ी संख्या में ‘बिल्स ऑफ एंट्री’ और ‘बिल्स ऑफ लेडिंग’ फर्जी और जाली थे।
जांच में खुलासा हुआ कि मेसर्स एमेझॉन एक्सपोर्ट्स पीटीई लिमिटेड, मेसर्स महेश टिम्बर सिंगापुर पीटीई लिमिटेड, मेसर्स ट्रैफिक मीडिया इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और बीवीएम शिपिंग पीटीई लिमिटेड व पर्ल मैरीटाइम पीटीई लिमिटेड जैसी शिपिंग फर्में उस नेटवर्क का हिस्सा थीं, जिसका इस्तेमाल सिंगापुर से भारत में लकड़ी के आयात का झूठा दिखावा करने के लिए किया गया था, ताकि ओबीसी बैंक को बहलाकर ऐसे फर्जी आयात के बदले धोखाधड़ी से एफएलसी खुलवायी और बढ़वायी जा सके।
जांच के दौरान अशोक कुमार मित्तल, रमन सिंघल और दीपक सिंगला की भूमिका प्रमुखता से सामने आयी है।
संबंधित अवधि के दौरान अशोक कुमार मित्तल और रमन सिंघल मेसर्स महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स महेश रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स एमेझॉन एक्सपोर्ट्स पीटीई लिमिटेड (सिंगापुर), मेसर्स महेश टिम्बर सिंगापुर पीटीई लिमिटेड, मेसर्स पर्ल मैरीटाइम, मेसर्स बीवीएम शिपिंग और मेसर्स ट्रैफिक मीडिया इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में निदेशक और प्रमुख प्रबंधकीय पदों पर थे।जांच में बिना किसी वास्तविक आयात के, आयातित लकड़ी की कथित खरीद और बिक्री से जुड़े फर्जी लेनदेन का खुलासा हुआ है।सौरभ ढींगरा, भारत भूषण मित्तल और अन्य की संलिप्तता के माध्यम से अपराध की कमाई का पैसा घुमाने की बात भी सामने आयी है।
तलाश अभियान के दौरान सौरभ ढींगरा के परिसरों से बिक्री विलेख समझौते बरामद किये गये और पीएमएलए के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत आपत्तिजनक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किये गये।
ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के साथ हुई इस कथित धोखाधड़ी से अर्जित अपराध की कमाई का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
