सिंगरौली: उद्योगों की नगरी सिंगरौली में प्रदूषण का नया संकट एनटीपीसी विंध्याचल की राख परिवहन से गहराता जा रहा है। बलियरी स्थित एश डैम से बरगवां और देवसर की ओर ले जाई जा रही राख अब लोगों के लिए गंभीर परेशानी बन चुकी है। सड़कों पर राख की मोटी परत जम गई है और भारी वाहनों के गुजरते ही धूल का गुबार हवा में फैल जाता है।
यह जहरीली राख घरों, दुकानों और खेतों तक पहुंचकर स्वास्थ्य पर सीधा असर डाल रही है। ग्रामीण हर दिन राख की धूल निगलने को मजबूर हैं। नियमों के अनुसार राख का परिवहन ढंके वाहनों से होना चाहिए और सड़कों की नियमित सफाई के साथ पानी का छिड़काव जरूरी है, परंतु ऐसा नहीं हो रहा। एनटीपीसी प्रबंधन के दावे सड़कों पर बिखरी राख की तरह झूठे साबित हो रहे हैं। सवाल यही है कि ऊर्जा उत्पादन की कीमत जनता की सांसों से कब तक चुकाई जाएगी?
