
जबलपुर। हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेशों और निर्देशों की अनदेखी करने के आरोप में सागर जिले के गौरझामर स्थित देव दत्तात्रेय लोक न्यास की संपत्तियों से अतिक्रमण नहीं हटाने पर न्यासियों ने सागर कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार के विरुद्ध हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई है।
दायर अवमानना याचिका में आरोप लगाया गया है कि न्यास की भूमि पर हुए अवैध कब्जों और निर्माणों के विरुद्ध प्रशासन ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उल्टे मंदिर के पुजारी सहित एक दर्जन से अधिक श्रद्धालुओं के विरुद्ध दंड प्रक्रिया संहिता की धाराओं 107-116 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर दी गई। न्यासियों का दावा है कि ट्रस्ट की संपत्ति पर बिना सक्षम अनुमति के शापिंग काम्प्लेक्स का निर्माण किया गया, जबकि वर्ष 2012 में हाईकोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। याचिका में कहा गया है कि ट्रस्ट रजिस्टर से चार न्यासियों के नाम हटाने की कार्रवाई को हाईकोर्ट की युगलपीठ पहले ही अवैध घोषित कर चुकी है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट की भी मुहर लग चुकी है। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों ने न्यायालयीन आदेशों का पालन नहीं किया। न्यासियों के अनुसार ट्रस्ट परिसर में कथित अवैध एवं अनैतिक गतिविधियों पर रोक लगाने, अतिक्रमणकारियों को बेदखल करने तथा भूमि का सीमांकन कराने संबंधी कई आवेदन प्रशासन को दिये गये, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद चार न्यासियों ने संविधान के अनुच्छेद-215 एवं न्यायालय अवमानना अधिनियम की धारा-12 के तहत अवमानना याचिका दायर कर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
25 वर्षों का आय-व्यय विवरण भी मांगा-
अवमानना याचिका में रजिस्ट्रार पब्लिक ट्रस्ट से वित्तीय वर्ष 2001 से 2025-26 तक का आय-व्यय विवरण उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया गया है। मामले में न्यासियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, अधिवक्ता यशवंत सिंह लोधी, अभिलाषा सिंह और काजल विश्वकर्मा पैरवी कर रहे हैं।
