
ग्वालियर। गिरगांव स्थित लोढ़ी माता मंदिर में सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ मंगलवार को हुआ। कथा से पूर्व प्रातः काल की बेला में मंगलकलश एवं श्रीमद्भागवत पुराण पोथी की शोभायात्रा गाजे-बाजे के साथ निकाली गई। बड़ी संख्या में महिलाओं व पुरुषों ने शोभायात्रा में भाग लिया। महिलाओं ने पीली साड़ी पहन कर नंगे पांव कलश सिर पर उठा कर नगर के मंदिरों में भ्रमण किया। कलश यात्रा पर जगह-जगह भक्तों ने पुष्प वर्षा की। भागवत भगवान के जयकारे से वातावरण गुंजायमान हो उठा। शोभायात्रा के दौरान मंदिरो में पूजा अर्चना की गई।
शाम की बेला में कथावाचक आचार्य दिनेश शास्त्री ने कलश यात्रा में शामिल होने का महत्व और भागवत की महिमा का बखान किया। उन्होंने बताया कि अनंत जन्मों के पुण्यों का उदय होता है तब उन्हें भागवत कथा सुनने का अवसर प्राप्त होता है। भागवत कथा को पुराणों में प्रेत पीड़ा विनाशनी कहा गया है। आचार्य ने भागवत कथा का महत्व बताते हुए कहा कि मृत्यु को जानने से मृत्यु का भय मन से मिट जाता है, जिस प्रकार परीक्षित ने भागवत कथा का श्रवण कर अभय को प्राप्त किया, वैसे ही भागवत जीव को अभय बना देती है। कथा से पूर्व पंडित रामनिवास शास्त्री द्वारा परीक्षित चौधरी बंटी सिंह गुर्जर एंव श्रीमती सत्यभामा ने व्यास मंच की पूजा कराई।
कलश यात्रा में चौधरी अतर सिंह, शिव सिंह पूर्व सरपंच, भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य अशोक जैन, राजेन्द्र सिंह पूर्व सरपंच, सुल्तान सिंह, सुरेश सिंह, रामवीर सिंह ,अजय सिंह, जसवंत सिंह ठेकेदार, भाजपा किसान मोर्चा मीडिया प्रभारी पंकज पाठक, अमरीश शर्मा अखंड अग्रवाल चौधरी राम गुर्जर सहित भारी संख्या में सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
