
सिंगरौली। जिले के देवसर, चितरंगी, सरई और माड़ा क्षेत्र में खाद की किल्लत ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। हालात यह हैं कि कहीं किसानों को पूरी रात लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है तो कहीं महिलाएं भी कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन करने लगी हैं। गुरुवार को सैकड़ों किसान खाद न मिलने से नाराज होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और हंगामा किया। स्थिति तनावपूर्ण होती देख प्रशासन को बैढ़न और महिला थाना पुलिस बुलानी पड़ी, जिसके बाद हालात नियंत्रित हुए।
किसानों का कहना है कि वे सुबह 5 बजे से लाइन में खड़े रहते हैं, कई तो आधी रात से ही कतार में लग जाते हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बावजूद खाद नहीं मिल पा रही। कचनी गांव के किसान राम अवतार कुशवाहा ने बताया कि अब तक एक भी बोरी यूरिया नहीं मिला है, जिससे फसलें सूख रही हैं और भारी नुकसान का खतरा है।
किसानों ने खाद वितरण केंद्रों पर ब्लैक मार्केटिंग और अव्यवस्था का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि यूरिया खुलेआम काले बाजार में बेचा जा रहा है, जबकि असली जरूरतमंद किसान खाली हाथ लौट रहे हैं। इसके अलावा वितरण केंद्रों पर न तो पानी की व्यवस्था है और न ही धूप-बारिश से बचाव के इंतजाम। कई किसानों के पास टोकन होने के बावजूद खाद नहीं मिल पाया।
इधर,सहकारिता विभाग के अपर आयुक्त पी.के. मिश्रा ने बताया कि जिले में अब तक 9 मैट्रिक टन यूरिया का वितरण हो चुका है, जबकि मांग करीब 8 मैट्रिक टन की थी। किसानों की समस्या को देखते हुए अतिरिक्त स्टॉक की मांग भेजी गई है और एक सप्ताह के भीतर नया यूरिया जिले में उपलब्ध हो जाएगा।
