
नई दिल्ली, 28 अगस्त। हाल ही में अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए भारी आयात शुल्क के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसका खास असर नहीं होगा। यह बात व्यापार और आर्थिक मामलों के विशेषज्ञों ने कही है। उनका मानना है कि अमेरिका का यह कदम भारत पर दबाव बनाने की कोशिश है, लेकिन भारत की असली ताकत उसकी मजबूत घरेलू आर्थिक नीतियों और सुधारों में निहित है।
घरेलू बाजार की मजबूती
जानकारों का कहना है कि भारत की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से उसके विशाल घरेलू बाजार पर टिकी है। अमेरिका को होने वाला निर्यात भारत के कुल उत्पादन का सिर्फ एक छोटा हिस्सा है। इसलिए, अमेरिकी टैरिफ से भले ही कुछ क्षेत्रों पर अल्पकालिक प्रभाव पड़े, लेकिन यह भारत की आर्थिक रफ्तार को रोक नहीं पाएगा। सरकार द्वारा किए जा रहे आर्थिक सुधारों, जैसे ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’, ने भी घरेलू उत्पादन और खपत को बढ़ावा दिया है, जिससे भारत बाहरी दबाव का सामना करने में सक्षम है।
विकल्पों की तलाश जारी
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत को अपनी निर्यात रणनीति में विविधता लाने की जरूरत है। अमेरिका के अलावा, भारत को अन्य देशों और व्यापारिक गुटों के साथ नए बाजार तलाशने चाहिए। सरकार इस दिशा में पहले से ही कदम उठा रही है। इसके अलावा, भारत को घरेलू उत्पादन को और मजबूत करना चाहिए ताकि वह अपने ही बाजार की जरूरतों को पूरा कर सके। यह आत्मनिर्भरता भारत को किसी भी बाहरी दबाव से बचाने में मदद करेगी।
