उर्मिला मातोंडकर ने करियर के शिखर पर रहते हुए बॉलीवुड से दूरी बना ली। यह फैसला किसी असफलता की वजह से नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और आत्मनिर्णय से जुड़ा था।
बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया में जहां अधिकतर कलाकार सफलता को थामे रखने के लिए हर संभव कोशिश करते हैं, वहीं कुछ सितारे ऐसे भी रहे हैं जिन्होंने अपने करियर के सबसे सुनहरे दौर में ही पीछे हटने का साहस दिखाया। ऐसी ही एक अभिनेत्री हैं उर्मिला मातोंडकर, जिन्होंने लोकप्रियता, सफलता और स्टारडम के शिखर पर होते हुए भी फिल्मों से दूरी बना ली।
उर्मिला मातोंडकर आज अपना 52वां जन्मदिन मना रही हैं। 4 फरवरी 1974 को मुंबई में जन्मी उर्मिला का फिल्मी सफर बेहद कम उम्र में शुरू हो गया था। महज तीन साल की उम्र में उन्होंने बतौर बाल कलाकार फिल्म ‘कर्म’ से अभिनय की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद वह ‘मासूम’ जैसी फिल्मों में नजर आईं। पढ़ाई के साथ-साथ अभिनय करते हुए उर्मिला धीरे-धीरे इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाती चली गईं।
रंगीला से मिली उर्मिला मातोंडकर को पहचान
उर्मिला को बतौर लीड एक्ट्रेस असली पहचान साल 1995 में आई राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘रंगीला’ से मिली। इस फिल्म ने न सिर्फ उनके करियर को नई उड़ान दी, बल्कि उन्हें रातों-रात सुपरस्टार बना दिया। आमिर खान और जैकी श्रॉफ जैसे बड़े सितारों के बीच भी उर्मिला का ग्लैमर, आत्मविश्वास और डांस स्टाइल सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। इसी फिल्म के बाद उन्हें “रंगीला गर्ल” के नाम से जाना जाने लगा।
उर्मिला मातोंडकर का करियर
‘रंगीला’ की सफलता के बाद उर्मिला ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। ‘सत्या’, ‘कौन’, ‘मस्त’, ‘दौड़’ जैसी फिल्मों में उन्होंने ग्लैमरस के साथ-साथ गंभीर और चुनौतीपूर्ण किरदार निभाकर यह साबित किया कि वह सिर्फ एक खूबसूरत अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि एक दमदार कलाकार भी हैं। एक समय ऐसा भी आया जब उर्मिला इंडस्ट्री की सबसे ज्यादा फीस लेने वाली अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं और कई फिल्मों में अपने हीरो से अधिक पारिश्रमिक पाने लगीं।
