
जबलपुर। आगामी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के उपलक्ष्य में मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मध्यप्रदेश की विभिन्न जेलों में निरुद्ध बंदियों के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक कल्याण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सप्ताह भर चलने वाले प्रदेशव्यापी योग अभियान का शुभारंभ किया गया। अभियान का उद्घाटन सोमवार को सेंट्रल जेल, जबलपुर में किया गया तथा इसका आयोजन वर्चुअल माध्यम से प्रदेश की समस्त जेलों में एक साथ किया गया। बता दे कि केंद्रीय जेल, जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारम्भ न्यायमूर्ति विवेक रूसिया, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया तथा आयोजित योग सत्र में सहभागिता की गई। इसी क्रम मे न्यायमूर्ति गुरपाल सिंह अहलूवालिया, न्यायाधीश, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, ग्वालियर खंडपीठ, तथा न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर, न्यायाधीश, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, इंदौर खंडपीठ, ने क्रमशः केंद्रीय जेल, ग्वालियर एवं केंद्रीय जेल, इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की।
योग समर्पण, सजगता और अनुशासन की कला है
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति विवेक रूसिया ने श्रीमदभगवद्गीता के कालजयी सूत्र योगः कर्मसु कौशलम् का उल्लेख करते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक आसनों एवं श्वास-प्रश्वास संबंधी अभ्यासों का नाम नहीं है, बल्कि प्रत्येक कार्य को समर्पण, सजगता, अनुशासन एवं समभाव के साथ करने की कला है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि तनाव, चिंता एवं अवसाद जैसी समस्याओं से उबरने का एक प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने बंदियों के जीवन में सकारात्मक व्यवहारगत परिवर्तन लाने, उनके भावनात्मक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने तथा मानसिक दृढ़ता विकसित करने में योग की परिवर्तनकारी क्षमता पर विशेष बल दिया, जो उनके व्यक्तित्व विकास एवं पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
सभी योग सत्र में सहभागी बनें
अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु प्रदेश की समस्त जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों एवं तहसील विधिक सेवा समितियों द्वारा संबंधित जेल प्रशासन के साथ आवश्यक समन्वय स्थापित किया गया। प्रदेश के विभिन्न कारागारों में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशगण, न्यायिक अधिकारी तथा विधिक सेवा संस्थाओं के अधिकारीगण बंदियों के साथ योग सत्र में सहभागी बने। योग सत्र का संचालन योग विशेषज्ञ एवं मनोवैज्ञानिक डॉ. पराग जैन द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया तथा मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन एवं सकारात्मक चिंतन के संबंध में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया। डॉ. जैन ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि एक समग्र अनुशासन है जो मन, शरीर एवं आत्मा के मध्य सामंजस्य स्थापित करता है तथा व्यक्ति के आत्मबल, आत्म-जागरूकता एवं समग्र कल्याण को बढ़ावा देता है।
