खजुराहो: विश्व प्रसिद्ध खजुराहो के मुख्य पश्चिमी मंदिर समूह परिसर में रविवार को सुरक्षा एजेंसियों द्वारा व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। संदिग्ध वस्तु मिलने की काल्पनिक सूचना पर बम डिस्पोजल स्क्वॉड (बीडीएस) और डॉग स्क्वॉड की टीम ने संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर सुरक्षा कार्रवाई का अभ्यास किया।
मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने वास्तविक परिस्थितियों की तरह पूरे परिसर की घेराबंदी कर उसे अपने नियंत्रण में लिया। डॉग स्क्वॉड की सहायता से संदिग्ध वस्तु की गहन जांच की गई, जिसके बाद बीडीएस टीम ने निर्धारित सुरक्षा मानकों और प्रोटोकॉल का पालन करते हुए उसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने की प्रक्रिया का सफल प्रदर्शन किया।
अधिकारियों के अनुसार इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी संभावित आपात स्थिति में सुरक्षा बलों की तत्परता, समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करना था। इसके माध्यम से मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की तैयारियों का भी आकलन किया गया।
विश्व धरोहर और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल खजुराहो में आयोजित इस मॉक ड्रिल ने सुरक्षा एजेंसियों की सजगता और किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति से निपटने की उनकी तैयारियों को प्रदर्शित किया। अधिकारियों ने बताया कि यह अभ्यास सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और इससे सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता को परखने में महत्वपूर्ण मदद मिली।
