
नई दिल्ली। सनातन लाइफ स्टाइल फाउंडेशन और प्रज्ञा प्रवाह, दिल्ली प्रांत के संयुक्त सहयोग से दिल्ली विश्वविद्यालय के देशबंधु कॉलेज में राष्ट्र जागरण का सनातनी उद्घोष विषय पर राष्ट्रवाक्-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रवाक् पत्रिका के संपादक एवं भाषाविद्-लेखक कमलेश कमल के स्वागत संबोधन से हुई, जिसमें देश भर से जुड़े साहित्य, शिक्षा, कला और वैचारिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि और प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय संयोजक जे. नंदकुमार ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी यात्रा, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना की भूमिका पर विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. के. जी. सुरेश ने की।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राष्ट्रवाक् का विशेष संस्करण जारी किया गया। सम्मान समारोह में प्रो. के. जी. सुरेश, राज शर्मा, डॉ. दिवाकर राय, भगवंत अनमोल, राजीव रंजन प्रसाद और रचना नायडू को विभिन्न राष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के चिंतन सत्रों में स्वतंत्रता के बाद के हिन्दी साहित्य में भारतबोध और समकालीन कला में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा वैचारिक दृष्टिकोण जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
दूसरे सत्र में कमलेश कमल, प्रो. प्रवीण कुमार तिवारी और शशिप्रभा तिवारी ने संस्कृति, कला और सामाजिक दायित्वों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय कवि सम्मेलन से हुआ। समापन अवसर पर सनातन लाइफ स्टाइल फाउंडेशन के संस्थापक जलज कुमार अनुपम ने कहा कि राष्ट्रवाक् राष्ट्रीय विमर्श के एक विकसित होते मंच के रूप में आगे बढ़ रहा है और भविष्य में इसे नेशनल डायलॉग फोरम के रूप में विस्तारित करने का लक्ष्य है।
