मुरैना: कोटा बैराज से कम पानी छोड़ने के चलते चंबल नदी के जलस्तर में तेजी से कमी आ रही है। जलस्तर में 3.5 मीटर की कमी आई। जलस्तर में कमी से प्रशासन ने राहत की सांस ली है। मुरैना से लगे यूपी के बाह में चंबल किनारे के नौ गांवों की एक हजार की आबादी टीलों पर रह रही है। प्रशासन द्वारा राशन किट का वितरण किया जा रहा है। वहीं बाढ़ से दो हजार बीघा फसल नष्ट हो चुकी है। इसमें सबसे अधिक हरी सब्जियों की फसल शामिल है।
चंबल नदी में उफान आने से उप्र की सीमा में आने वाले झरनापुरा, उमरैठा पुरा सहित नौ गांवों का संपर्क टूट गया था। बिजली की आपूर्ति भी बंद कर दी गई थी। अब जलस्तर में कमी आई। गुढ़ा, गोहरा, रानीपुरा, भटपुरा, झरनापुरा, कछियारा ,डोगरा ,रेहा, पुरा उमरैठा के रास्ते में अभी भी पानी भरा हुआ है। जलस्तर में कमी से जिला प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है। संबंधित गांवों में पानी तेजी से कम हो रहा है। मगर, कीचड़ होने से ग्रामीण घर तक नहीं पहुंच सकते हैं। इसी के चलते एक हजार की आबादी टीलों में रात बिता रही है। प्रशासन की टीम को राशन किट के वितरण के लिए कहा गया है। फसलों के नुकसान का सर्वे शुरू होगा।
