
अशोकनगर। मध्यप्रदेश सरकार के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला ने शनिवार को हैंडलूम पार्क चंदेरी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) वीबी जी-राम-जी अधिनियम 2025 की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी दी।
मंत्री शुक्ला ने बताया कि इस अधिनियम के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को अब 125 दिन का रोजगार कानूनी रूप से सुनिश्चित किया गया है, जो मनरेगा के 100 दिनों से अधिक है। वन क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति परिवारों को 25 दिन अतिरिक्त रोजगार मिलेगा। योजना का उद्देश्य हर हाथ को काम और गांवों का चहुमुखी विकास है।
उन्होंने कहा कि बुवाई और कटाई जैसे व्यस्त कृषि समय में श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 60 दिन की विशेष अवधि का प्रावधान किया गया है। मजदूरी का भुगतान अब 7 दिन में होगा। काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता और देर से भुगतान पर विलंबित क्षतिपूर्ति भी दी जाएगी।
योजना में एससी-एसटी, ईडब्ल्यूएस, महिला मुखिया परिवार, दिव्यांग, छोटे व सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। जियो-टैगिंग, बायोमेट्रिक हाजिरी, डिजिटल भुगतान और सोशल ऑडिट से पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
केंद्र सरकार ने इसके लिए 1.51 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
