
सौसर। वर्तमान खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए सौसर अनुभाग में खाद के भंडारण एवं सुचारू वितरण व्यवस्था की समीक्षा आज यहां एसडीएम सिद्धार्थ पटेल द्वारा की गई। बैठक में एसडीएम ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि किसानों को समय पर और बिना किसी परेशानी के उर्वरक उपलब्ध कराया जाए तथा संपूर्ण वितरण प्रक्रिया की निरंतर निगरानी की जाए।
*इस वर्ष 35 हजार मीट्रिक टन वितरण का लक्ष्य*
बैठक में बताया गया कि खरीफ वर्ष के लिए कुल 35,000 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य तय किया गया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है; गत खरीफ वर्ष 2025 की समान अवधि में 32,244 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया था।
*ऐसी है वर्तमान स्टॉक की स्थिति*
समीक्षा बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष कुल उर्वरक की उपलब्धता 17,208 मीट्रिक टन है जिसमें 9,926 मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है तथा वर्तमान में शेष स्टॉक 7,282 मीट्रिक टन है। *नवभारत* से चर्चा में एसडीएम पटेल ने कहा वर्तमान में जिले में यूरिया, सुपर फॉस्फेट, डीएपी, एमओपी एवं एनपीके सहित सभी प्रमुख खादों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। आगामी खरीफ सीजन के लिए किसानों को घबराने की आवश्यकता नहीं है, भंडारण पूरी तरह सुनिश्चित है।
*ई-टोकन प्रणाली से मिलेगी बिचौलियों से राहत*
एसडीएम सिद्धार्थ पटेल ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि इस बार उर्वरकों का वितरण ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है। इस डिजिटल व्यवस्था सेवितरण प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही आएगी। जिससे वास्तविक और जरूरतमंद किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद मिल सकेगी। एसडीएम का कहना है कि ई टोकन प्रणाली से खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और बिचौलियों की सक्रियता पर पूरी तरह से रोक लगेगी। पूरी वितरण प्रक्रिया का डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा, जिससे निगरानी आसान होगी।
*निर्धारित दरों पर ही मिलेगी खाद, होगी कड़ी मॉनिटरिंग*
प्रशासन ने सहकारी समितियों और निजी विक्रय केंद्रों को सख्त हिदायत दी है कि किसानों को केवल निर्धारित सरकारी दरों पर ही उर्वरक बेचे जाएं। बैठक में एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे लगातार फील्ड मॉनिटरिंग करें। यदि सीजन के दौरान मांग बढ़ती है, तो आवश्यकतानुसार अतिरिक्त आपूर्ति और भंडारण की व्यवस्था भी तत्काल की जाएगी ताकि किसी भी किसान को परेशानी का सामना न करना पड़े।
