नयी दिल्ली, 18 नवंबर (वार्ता) कांग्रेस ने मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को चुनाव आयोग की बदनियत करार देते हुए कहा है कि उसकी इस प्रक्रिया को लेकर पूरे देश में रोष है और पार्टी इसके विरोध में दिसम्बर के पहले सप्ताह में यहां विशाल रैली करेगी जिसमें चुनाव आयोग के राजनीतिकरण करने का पर्दाफाश किया जाएगा।
कांग्रेस आलाकमान के साथ एसआईआर प्रक्रिया से गुजर रहे 12 राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेश के नेताओं की मंगलवार को यहां पार्टी मुख्यालय इंदिरा भवन में बैठक हुयी जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तथा पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल सहित पार्टी के कई बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया। इसी बैठक में दिसम्बर के पहले सप्ताह में यहां रामलीला मैदान में विशाल रैली आयोजित करने का निर्णय लिया है जिसमें देशभर से कांग्रेस नेता शामिल होंगे। उनका कहना था कि रैली की तारीख का ऐलान जल्द किया जाएगा।
बैठक के बाद पार्टी के संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने पत्रकारों से कहा कि सभी 12 राज्यों के नेताओं ने बैठक में एसआईआर का कड़ा विरोध करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने भाजपा के इशारे पर यह प्रक्रिया चिन्हित वोटरों के नाम हटाने के लिए शुरु की है। उनका कहना था कि बैठक में देश के उन 12 राज्यों के पार्टी प्रभारियों, प्रदेश अध्यक्षों, प्रदेश महासचिवों तथा अन्य प्रमुख नेताओं को बुलाया गया जिनमें एसआईआर प्रक्रिया चल रही है।
उन्होंने कहा “इस बैठक में कांग्रेस पार्टी ने निर्णय लिया है कि दिसंबर के पहले सप्ताह में दिल्ली के रामलीला मैदान में एसआईआर के खिलाफ विशाल रैली आयोजित होगी। इस रैली में हम चुनाव आयोग के राजनीतिकरण का पर्दाफाश करेंगे। सभी का अनुभव यही है कि एसआईआर में टारगेट कर लोगों के नाम काटे जा रहे हैं। चुनाव आयोग ने जैसा बिहार में किया, वही नीति बाकी राज्यों में अपनाई जाएगी।”
कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी कहा “एसआईआर को लेकर हम बिहार चुनाव के पहले से सवाल उठा रहे हैं। हमने बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ भी निकाली थी और देश को बताया था कि एसआईआर में बहुत सारी गड़बड़ियां हैं। इसके बारे में सुप्रीम कोर्ट के पांच आदेश आये जो चुनाव आयोग की बदनीयत को दिखाते थे और उसे उच्चतम न्यायालय ने भी देखा।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शुरु से एसआईआर का विरोध कर रही है। इसी विरोध के क्रम में यहां 12 राज्यों की बैठक बुलाई गई है। पार्टी लगातार इस प्रक्रिया के खिलाफ लड़ रही है और इसके खिलाफ देशभर में एक ‘हस्ताक्षर अभियान’ भी चलाया गया जिसमें पांच करोड़ लोगों के हस्ताक्षर दस्तावेज एकत्र किये गये हैं। ये पार्टी स्तर से चलाया जाने वाला अभियान था और अब अगर वोटर का अधिकार छीना जाएगा तो हम सब आवाज उठाएंगे और यह हमारा कर्तव्य है।

