सतना : भीख मांगकर गुजारा करने वाले किशन नाम के व्यक्ति की बेटी को रास्ते में सोने की चैन पड़ी मिली, जिसे उसने अपने पास रख लिया. इसी दौरान कोलगवां थाने का एक पुलिसकर्मी अचानक सक्रिय हो गया और किशन को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देने लगा. पुलिसकर्मी ने दबाव बनाते हुए किशन की बेटी को मिली चैन जब्त तो कर ली. लेकिन उसे उसके मालिक को सौंपने के बजाए अपने पास रख ली. अब जबकि चैन का मालिक और पुलिस ने मिलकर किशन और उसके परिवार से चैन वापस लेने का दबाव बनाया तो कोई रास्ता न देख पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई गई.
अमरपाटन निवासी अंजना केकड़ी आधा दर्जन महिलाओं के साथ सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं. जहां पर उन्होंने शिकायती आवदेन सौंपते हुए न्याय की गुहार लगाई अंजना ने जानकारी देते हुए बताया कि अमरपाटन निवासी उसके पड़ोसी और भीख मांगकर गुजारा करने वाले किशन की बेटी को सडक़ किनारे एक सोने की चैन पड़ी मिली थी. जिसे उसने अपने पास रख लिया. कुछ दिनों बाद ही कोलगवां थाने में पदस्थ पुलिसकर्मी विश्वदीप तिवारी अचानक सक्रिय हो गए और उसके पड़ोसी किशन को उठाकर कोलगवां थाना ले गए.
जहां पर उन्होंने किशन को कई फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी देनी शुरु कर दी. दबाव बढ़ता देख किशन ने यह स्वीकार किया कि उसकी बेटी को रास्ते में सोने की चैन मिली थी. जिसके बाद पुलिसकर्मी विश्वदीप तिवारी ने अंजना, रेनू और शारदा की उपस्थिति में 20 मार्च को उक्त सोने की चैन जब्त कर ली. चैन जब्त करने के दौरान पुलिसकर्मी ने कहा कि वह उसके असली मालिक को सौंप दी जाएगी.
लेकिन ऐसा न करते हुए पुलिसकर्मी ने वह चैन अपने पास रख ली. वहीं दूसरी ओर सोने की चैन के मालिक द्वारा अमरपाटन थाने में चैन गुमने की शिकायत की गई है. जिसके चलते अमरपाटन पुलिस और चैन मालिक द्वारा अंजना और पड़ोसी किशन को थाने बुलाकर उक्त चैन की मांग की जा रही है. परेशानी बढ़ती देख अंजना और किशन द्वारा कोलगवां थाने पहुंचकर पुलिसकर्मी विश्वदीप तिवारी से कहा गया कि उक्त चैन को उसके मालिक को सौंप दिया जाए. लेकिन उन्होंने ऐसा करने से साफ इंकार कर दिया.
जांचा जाए सीसीटीवी-सीडीआर
अंजना केकड़ा सहित आधा दर्जन महिलाओं ने सोमवार को एसपी ऑफिस में शिकायत करते हुए इस बात की मांग की कि 18 मार्च की सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ पुलिसकर्मी विश्वदीप तिवारी की कॉल डीटेल मंगाकर जांच की जाए. जिससे सच्चाई सबके सामने आ सके. इसी कड़ी में यह मांग भी की गई कि उक्त पुलिसकर्मी से सोने की चैन को लेकर उसे उसके वास्तविक मालिक को सौंप दिया जाए. जिससे उन गरीबों की प्रताडऩा बंद हो सके.
