
यौन उत्पीड़न के आरोप के बाद छात्रा की आत्मदाह से मौत, न्याय की मांग को लेकर विपक्ष एकजुट
भुवनेश्वर, 17 जुलाई, 2025 – ओडिशा के बालासोर जिले में एक कॉलेज छात्रा की दुखद मौत के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। फकीर मोहन (स्वायत्त) महाविद्यालय की 20 वर्षीय छात्रा ने कथित यौन उत्पीड़न से तंग आकर आत्मदाह का प्रयास किया था, और सोमवार देर रात एम्स भुवनेश्वर में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के विरोध में कांग्रेस ने आज, 17 जुलाई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है, जिसे वाम दलों और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) सहित आठ प्रमुख विपक्षी दलों का समर्थन प्राप्त है। यह बंद सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक जारी रहेगा, जिससे पूरे राज्य में जनजीवन पर असर पड़ने की संभावना है।
यह घटना तब सामने आई जब यौन उत्पीड़न के आरोपी प्रोफेसर समीर कुमार साहू को कॉलेज की आंतरिक शिकायत समिति ने क्लीन चिट दे दी। इसके एक दिन बाद ही पीड़िता ने खुद को आग के हवाले कर दिया था। छात्रा ने अपने बयान में विभागाध्यक्ष द्वारा शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाले जाने और इंकार करने पर फेल करने की धमकी का आरोप लगाया था। उसने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, महिला आयोग और जिला पुलिस को इस बारे में सूचित भी किया था, लेकिन कथित तौर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले में फकीर मोहन (स्वायत्त) महाविद्यालय के प्राचार्य दिलीप घोष और शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष समीर कुमार साहू को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन विपक्ष सरकार पर लापरवाही बरतने और दोषियों को बचाने का आरोप लगा रहा है।
सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम; विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की
बालासोर की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दल इस मामले में न्यायिक जांच और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (OPCC) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा है कि यह बंद केवल विरोध नहीं, बल्कि पीड़िता को न्याय दिलाने का संकल्प है। बंद के दौरान, भुवनेश्वर सहित विभिन्न शहरों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और अन्य विपक्षी दलों के समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया है। कई स्थानों पर सार्वजनिक परिवहन बाधित हुआ है, दुकानें और बाजार बंद रखे गए हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे राज्य में, विशेषकर संवेदनशील इलाकों में, सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। भुवनेश्वर में 60 प्लाटून पुलिस बल तैनात किया गया है, जिसमें 180 अधिकारी, 8 अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त और 33 अन्य अधिकारी शामिल हैं। विभिन्न चौराहों पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं और आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सभी प्रकार के आवागमन को प्रतिबंधित किया गया है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने की अपील की है और सुनिश्चित किया है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित न हों। यह बंद महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार की कथित विफलता को उजागर कर रहा है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी घमासान और तेज होने की संभावना है।
