जबलपुर: एक जालसाज ने खुद को दिल्ली का बड़ा कारोबारी बताकर माढ़ोताल थाना अंतर्गत करमेता स्थित हरियाणा पंजाब रोडवेज के मैनेजर को अपनी बातों के जाल में फंसाया। आरोपी ने न सिर्फ गाडिय़ों को लोड करने का नाटक किया, बल्कि मजबूरी का ढोंग रचकर मैनेजर के खाते से 50,000 रुपये पार कर दिए। पुलिस ने पीडि़त की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने बताया कि ग्राम भमका, पाटन निवासी 32 वर्षीय शुभम सिंह ठाकुर करमेता में हरियाणा पंजाब रोडवेज के ऑफिस में बतौर मैनेजर काम करते हैं। उनके पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने रौबदार आवाज में अपना नाम पवन जैन निवासी दिल्ली बताया। उसने कहा, भैया, मुझे दिल्ली माल भेजने के लिए तुरंत दो गाडिय़ां चाहिए। मैनेजर को पूरा भरोसा दिलाने के लिए ठग ने मोबाइल पर एक बकायदा एड्रेस मैसेज किया जैन इंडस्ट्रीज, प्लॉट नं. 108, इंडस्ट्रीज एरिया, नजदीक वाय धर्मकांटा, रिछाई, जबलपुर, फोन पर ही 2600 रुपये प्रति टन के हिसाब से भाड़ा तय हो गया। मैनेजर शुभम ने बिना देर किए एक 35 टन और दूसरी 25 टन की बड़ी गाडिय़ां माल लोड करने के लिए रिछाई भेज दीं।
मजबूरी का ढोंग रचकर ठगी, रिछाई में बताई नकली फैक्ट्री
गाडिय़ां खड़ी होते ही कथित पवन जैन का फिर फोन आया। उसने रोना रोते हुए कहा, मेरी एक गाड़ी इंदौर में फंसी है, उसमें तुरंत 10,000 रुपये डालने हैं। आप अभी भेज दो, मैं गाडिय़ों के एडवांस के साथ आपको ये पैसे नकद दे रहा हूँ। शुभम ने जब कहा कि वह एक मुलाजिम है और उसके पास इतने पैसे नहीं हैं, तो ठग ने अपनी मजबूरी का वास्ता देकर दबाव बनाया। झांसे में आकर शुभम ने ठग द्वारा भेजे गए सैरू कुमार के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते में अपने इंडसइंड बैंक अकाउंट से गूगल पे के जरिए 10-10 हजार रुपये करके कुल 5 बार में 50,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
पैसे ऐंठने के बाद भी आरोपी दोपहर 3 बजे तक लगातार फोन पर बात करता रहा और कहता रहा कि वह बस रास्ते में है और आ रहा है। जब काफी देर तक गाडिय़ां लोड नहीं हुईं, तो शुभम खुद रिछाई स्थित उस पते पर पहुंचे। वहां जाकर उनके होश उड़ गए, क्योंकि उस पूरे इलाके में जैन इंडस्ट्रीज नाम की कोई फैक्ट्री वजूद में ही नहीं थी। इसके बाद आरोपी का मोबाइल भी बंद हो गया। धोखाधड़ी का अहसास होते ही पीडि़त मैनेजर ने माढ़ोताल थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
