
सीहोर। शहर के हाउसिंग बोर्ड में धर्मांतरण का मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि अब बिलकिसगंज थाना क्षेत्र के गांव वीरपुर में धर्मांतरण का नया मामला सामने आया है. देर रात कार्रवाई करते हुए पुलिस ने धर्मांतरण कराने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है. सभी आरोपी आदिवासी समुदाय के हैं और जिनका धर्र्मांतरण कराने का प्रयास किया जा रहा था वे भी आदिवासी समुदाय के हैं.
बीती रात बिलकीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम वीरपुर के एक मकान में प्रार्थना सभा के नाम पर गांव के ही लोगों का धर्मांतरण कराने का प्रयास किया जा रहा था. इसकी भनक गांव के अन्य लोगों को लग गई और उन्होंने पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने आधा दर्जन आरोपियों को धर दबोचा. बताया जाता है कि आरोपियों ने धर्मांतरण के लिए सभी को एक-एक लाख रुपए और सरकारी नौकरी का लालच दिया था, लेकिन पीडि़तों ने अपने परिचितों को फोन पर सूचना दी। जिसके बाद डायल 112 को सूचना दी गई और आखिरकार पुलिस रात में ही मौके पर पहुंच गई. पुलिस के अनुसार लखन बारेला, सीताराम बारेला, रमेश पिता और रायसिंह बारेला सभी निवासी गांव वीरपुर ने पुलिस को बताया कि उनके गांव में कुछ लोग उन्हें हिन्दू धर्म छोडकर इसाई धर्म अपनाने के लिए लालच दे रहे हैं. ये लोग करीब तीन महीने से उनके गांव में आकर उन्हें आर्थिक प्रलोभन दे रहे हैं. उन्होंने बताया कि गांव के ही रेम सिंह बारेला के घर प्रार्थना सभा की जाती है. जहां कई लोगों को बुलाया जाता है और उन्हें तरह-तरह का लालच दिया जाता है. लखन आदि ने बताया कि उन्हें एक-एक लाख रुपए देने का लालच दिया गया था. उनसे कहा गया था कि अगर तुम इसाई धर्म अपनाते हैं तो तुम्हें भी रुपए मिलेंगे और तुम्हारी नौकरी भी लगवाएंगे. मंगलवार रात करीब 9 बजे फिर से ये लोग आए और लखन आदि को प्रार्थना सभा में धर्म परिवर्तन के लिए रेम सिंह के घर बुलाया. यहां पर मुकेश बारेला निवासी बजुरी, लखन बारेला ग्राम भीलपाटी रेहटी, सीताराम बारेला ग्राम खजुरी, रेम सिंह बारेला ग्राम वीरपुर डेम, कुशमा वारेला ग्राम भीलपाटी, बीना बारेला ग्राम खजुरी के द्वारा ईसा मसीह की फोटो, बाईबल बुक, पैसो का प्रलोभन देकर जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करने के प्रयास किया. पीडि़तों ने बताया कि उन्होंने ही रेम सिंह के घर से गांव के ही राजकुमार राठौर और अशोक विश्वकर्मा को जानकारी दी। जिसके बाद उन्होंने डायल 112 पर सूचना दी. जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.
देर रात बजरंग दल कार्यकर्ता भी थाने पहुंचे
पीडि़तों की सूचना के बाद बजरंग दल के राजकुमार राठौर और अशोक विश्वकर्मा ने डायल 112 पर सूचना दी और वे खुद भी अन्य कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे. बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस को बताया कि कुछ आदिवासी लोग पहले ही ईसाई धर्म अपना चुके हैं और वे पिछले तीन महीनों से अपने ही समाज के लोगों को लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास कर रहे थे. पुलिस ने मौके से बाइबिल तथा मोबाइल फोन को जब्त किया है. साथ ही सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है.
इन आरोपियों को किया है गिरफ्तार
मुकेश पिता कपासिया बारेला, बीना पति मुकेश बारेला निवासी ग्राम खजुरी थाना रेहटी जिला सीहोर, लखन पिता भिकम सिंह बारेला, कुसमा पति लखन बारेला दोनों निवासी ग्राम भीलपाटी थाना रेहटी जिला सीहोर, सीताराम पिता कपासिया बारेला निवासी ग्राम खजुरी थाना रेहटी और रेम सिंह पिता बारखा बारेला निवासी ग्राम वीरपुर जिला सीहोर को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है.
पहले भी सामने आ चुके हैं धर्मांतरण के मामले
इससे पूर्व भी जिला मुख्यालय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में धर्मांतरण के मामले सामने आ चुके हैं. बीते दिनों हाउसिंग बोर्ड कालोनी निवासी जब्बार खान और उसकी पत्नी ताहिरा खान को धर्मांतरण के आरोप में पुलिस द्वारा आरोपी बनाया गया था. मामले में जब्बार की तो गिरफ्तारी हो चुकी थी, लेकिन उसकी पत्नी ताहिरा खान फरार थी. बाद में ताहिरा को अग्रिम जमानत व जब्बार को भी जमानत मिल गई थी. इसके अलावा ग्राम बरखेड़ी में भी ग्रामीणों को इलाज के नाम पर धर्म परिवर्तन कराए जाने का मामला थाना कोतवाली पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था.
