नयी दिल्ली, 04 मई (वार्ता) पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुड्डुचेरी विधानसभाओं तथा विभिन्न राज्यों के आठ विधानसभा क्षेत्रों के उप चुनावों की मतगणना कड़ी सुरक्षा के बीच सोमवार सुबह आठ बजे शुरू हो गयी।
पश्चिम बंगाल में दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान कराये जाने के चुनाव आयोग के निर्णय के अनुसार वहां 21 मई को फिर मतदान कराया जायेगा। राज्य की शेष 243 सीटों के चुनावों की मतगणना सुबह आठ बजे शुरू हो गयी।
सभी राज्यों में शुरुआती आधे घंटे में पोस्टल बैलेट पेपर की मतगणना होगी। इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से डाले गये वोटों की गिनती से पहले पोस्टल बैलेट पेपर की मतगणना हर हाल में पूरी कर ली जायेगी। आज रात तक सभी राज्यों के चुनावों के नतीजे आ जाने की उम्मीद है।
चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार पांचों राज्यों में मतगणना के लिए सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गयी हैं। सभी मतगणना केन्द्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं।
मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर राष्ट्रव्यापी बहस के बीच पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पु़ड्डुचेरी की विधानसभा के चुनावों में मतदाताओं ने मतदान में बढ़चढ़कर भाग लिया। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में आजादी के बाद मतदान- प्रतिशत के नये रिकार्ड बने।
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में हुए चुनाव में मतदान का कुल प्रतिशत 92.47 रहा। पहले चरण में 152 सीटों के लिए 23 अप्रैल को कराये गये मतदान में 93.19 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। वहीं, दूसरे चरण में 142 सीटों पर कुल मिला कर 91.66 प्रतिशत मतदान हुआ। राज्य की कुल 294 सीटों के लिए 2926 उम्मीवार मैदान में हैं।
पश्चिम बंगाल में मतगणना 77 पुलिस पर्यवेक्षक तैनात किये जायेंगे। इसके अलावा 165 विधानसभा क्षेत्रों में विशेष पर्यवेक्षक तैनात किये जायेंगे। पश्चिम बंगाल में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच है। कांग्रेस और वामपंथी दल भी जोर आजमाइश में हैं।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 23 अप्रैल को एक चरण में हुए मतदान में सभी 234 सीटों पर कुल 84.93 प्रतिशत वोट पड़े। राज्य में कुल 4023 उम्मीदवार अपनी चुनावी किस्मत आजमा रहे हैं। राज्य में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ द्रविण मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेतृत्व वाले गठबंधन और विपक्षी अन्ना द्रमुक- भाजपा गठबंधन के बीच है। इस बार अभिनय की दुनिया से तमिलनाडु की राजनीति के अखाड़े में उतरे सी जोसफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने कुछ सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया है।
इन विधान सभा चुनावों के पहले चरण में नौ अप्रैल को असम, केरल तथा पुड्डुचेरी में मतदान कराया गया था।
असम में 85.46 प्रतिशत मतदाताओं ने मताधिकार का इस्तेमाल किया। राज्य की कुल 126 सीटों के लिये 722 उम्मीदवार मैदान में है। राज्य में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच है।
केरल में 78.17 प्रतिशत मतदान हुआ, जहां 140 सीटों के लिए 890 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। राज्य में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा के बीच है। भाजपा भी राज्य में पूरे दम खम के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में जुटी है।
पहले चरण में मतदान का सर्वाधिक प्रतिशत पुड्डुचेरी में रहा, जहां 89.87 प्रतिशत वोट डाले गये। वहां 30 सीटों के लिए 294 उम्मीदवार अपनी चुनावी किस्मत आजमा रहे हैं। पुड्डुचेरी में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और कांग्रेस की अगुवाई वाले विपक्षी गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला है।
इन चुनावों में मतदाता सूचियों पुनरीक्षण के अलावा पश्चिम बंगाल और असम में प्रमुख मुद्दा बंगलादेशी घुसपैठिये और भ्रष्टाचार रहा। तमिलनाडु और केरल में भी विकास बनाम भ्रष्टाचार का मुद्दा उछाला गया।
